'9 महीने में जाएगी मुख्यमंत्री की कुर्सी', तेज प्रताप ने दी CM को मर्यादा की सीख, सम्राट बोले-बंगला बपौती नहीं

Tej Pratap Yadav Prediction: बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बवाल मचा हुआ है। इस पूरे बखेड़े का केंद्र है एक सरकारी बंगला। बंगला भी ऐसा वैसा नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री का 21 साल पुराना आवास। जी हां, बात हो रही है राबड़ी देवी के सरकारी बंगले की, जिसे लेकर बड़ा घमासान देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के नोटिस के बाद शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक भविष्यवाणियों तक पहुंच गया है।

एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) साफ कह चुके हैं कि सरकारी बंगला हर हाल में खाली कराया जाएगा। उन्होंने तो बिना नाम लिए यहां तक कह दिया कि 'बंगला किसे की बपौती नहीं है, खली तो करना होगा'। वहीं दूसरी ओर राबड़ी देवी (Rabri Devi) और उनका परिवार पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा।

Tej Pratap Samrat Choudhary

इसी बीच राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए भविष्यवाणी कर दी है। तेजू भैया ने दावा कर दिया है कि अगले 6 से 9 महीनों के भीतर सम्राट चौधरी की मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाएगी। बयानबाजी के इस दौर ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है।

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तेज प्रताप बोले-मुख्यमंत्री पद की गरिमा का ध्यान रखें

तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद एक सम्मानजनक पद है और उस पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी उम्र में उनसे बड़े हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे उस पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं कर रहे हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि आने वाले 6 से 9 महीनों के भीतर राजनीतिक परिस्थितियां बदलेंगी और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे।

Tej Pratap Yadav

राबड़ी देवी के पैर छूते सम्राट की तस्वीर की शेयर

विवाद के बीच तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जिसमें सम्राट चौधरी राबड़ी देवी के पैर छूते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा और व्यवहार की मर्यादा कभी नहीं टूटनी चाहिए। उन्होंने आगे लिखा कि किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सामाजिक सम्मान और गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है। राबड़ी देवी उनके लिए सम्मान का विषय हैं और उनके खिलाफ किसी भी तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। तेज प्रताप ने यह भी लिखा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन संवाद हमेशा सम्मानजनक होना चाहिए। नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।

बंगला खाली होकर रहेगा-सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब देते हुए साफ कहा था कि सरकारी आवास खाली होकर रहेगा और इसे कोई नहीं रोक सकता। मुजफ्फरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उनका घर नहीं खाली होगा, लेकिन सरकारी नियम सब पर समान रूप से लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति सरकारी संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति नहीं मान सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को अलग घर चाहिए, किसी को अलग सुरक्षा चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकारी आवास हमेशा के लिए किसी के कब्जे में बना रहे।

'जो गुंडागर्दी करेगा, वह जेल जाएगा'

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में शांति और कानून का राज कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति गुंडागर्दी करेगा या नियमों को चुनौती देगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून तोड़ने वालों की जगह जेल है और सरकार इस मामले में किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगी।

शेखपुरा में भी साधा था निशाना

इससे पहले शेखपुरा में भी मुख्यमंत्री ने लालू परिवार पर अप्रत्यक्ष हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं है और कुछ लोग उससे जरूरत से ज्यादा मोह रखने लगे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वे कई बार मंत्री और गृहमंत्री रहे, लेकिन सीमित जगह में भी रहे।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश करने के बाद उन्होंने निर्देश दिया कि बाहर यह लिखा जाए कि यह लोकसेवक का आवास है, किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1999 से अब तक वे कई सरकारी आवास बदल चुके हैं और वर्तमान आवास उनके राजनीतिक जीवन का 11वां सरकारी घर है।

राबड़ी देवी की खुली चुनौती

सरकार की ओर से नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने साफ कह दिया था कि वे 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली नहीं करेंगी। दिल्ली से पटना लौटने के बाद उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती है तो पुलिस बल बुलाकर उन्हें जबरन बाहर निकाल सकती है, लेकिन वे स्वयं आवास छोड़कर नहीं जाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा था कि सरकार चाहे तो बल प्रयोग कर सकती है।

क्या है पूरा बंगला विवाद?

बिहार सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अंतिम नोटिस दिया है। सरकार के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को ही आवास खाली करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया गया। इसी कारण दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए नया नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में इसी आवास में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं।

राबड़ी देवी को नया बंगला पहले ही आवंटित

भवन निर्माण विभाग के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नया आवास उपलब्ध होने के बावजूद अब तक 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली नहीं किया गया है। पिछले कई महीनों में कई बार अनुरोध भी किया गया, लेकिन परिवार ने नया आवास ग्रहण नहीं किया। लालू परिवार वर्ष 2005 से इस सरकारी आवास में रह रहा है।

जिस मंत्री को बंगला मिला, उन्होंने क्या कहा

सरकार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया है। नंदकिशोर राम का कहना है कि उन्हें नियमों के अनुसार यह सरकारी आवास दिया गया है क्योंकि पहले उनके पास कोई सरकारी आवास नहीं था। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने उन्हें यह घर आवंटित कर दिया है तो उसे खाली कराया जाना स्वाभाविक प्रक्रिया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और रामनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि वे मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और सरकार के नियमों के अनुसार उन्हें आवास आवंटित किया गया है।

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