फीफा वर्ल्ड कप में नहीं चलेगी प्लेयर्स की मनमानी, 8 नए नियमों से लगेगी टीमों के ऊपर लगाम
FIFA 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 इस बार बिल्कुल बदले हुए अंदाज में नजर आने वाला है। फुटबॉल की दुनिया को और बेहतर बनाने के लिए इस बड़े टूर्नामेंट में 8 नए नियमों को लागू किया जा रहा है। इन बड़े बदलावों का मुख्य मकसद खेल के दौरान समय की बर्बादी को रोकना और खिलाड़ियों के बीच अनुशासन को मजबूत बनाना है।
मैदान पर खिलाड़ी अक्सर रणनीति बनाने या गुप्त बातचीत करने के लिए अपने मुंह पर हाथ रख लेते हैं। नए नियमों के अनुसार अब मैच के दौरान ऐसा करने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। अगर कोई खिलाड़ी कैमरा या विपक्षी टीम से बचने के लिए मुंह छिपाकर बात करता है, तो रेफरी उसे सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज सकता है।

चोट को लेकर नया नियम
मैच के दौरान चोटिल खिलाड़ियों के बहाने समय काटने की आदत पर भी अब लगाम कसी जाएगी। अगर कोई खिलाड़ी चोट की वजह से मैदान से बाहर जाकर इलाज करवाता है, तो उसे दोबारा खेल में शामिल होने के लिए कम से कम 1 मिनट तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा गोलकीपर के इलाज के दौरान खिलाड़ी कोचिंग स्टाफ से रणनीतिक चर्चा नहीं कर सकेंगे।
प्लेयर बदलने के लिए नहीं मिलेगा ज्यादा टाइम
खिलाड़ियों के बदलने (सब्स्टिट्यूशन) की प्रक्रिया को भी काफी तेज कर दिया गया है। अब मैदान से बाहर जाने और नए खिलाड़ी के अंदर आने की पूरी प्रक्रिया को 10 सेकंड के भीतर निपटाना होगा। यदि कोई टीम इस समय सीमा का उल्लंघन करती है, तो आने वाले नए खिलाड़ी को 1 मिनट के लिए बाहर बैठना पड़ेगा।
अक्सर देखा जाता है कि टीमें थ्रो-इन या गोल किक लेते समय काफी वक्त खराब करती हैं। इस चालाकी को रोकने के लिए अब सिर्फ 5 सेकंड का समय मिलेगा। तय समय में खेल दोबारा शुरू न करने पर रेफरी विपक्षी टीम को थ्रो-इन या कॉर्नर किक का मौका दे देगा, जिससे लापरवाही भारी पड़ सकती है।
असिस्टेंट रेफरी को अधिकार
तकनीक के स्तर पर वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) को अब पहले से कहीं ज्यादा अधिकार दे दिए गए हैं। अगर ऑन-फील्ड रेफरी गलती से गलत कॉर्नर किक का फैसला देता है या किसी खिलाड़ी को गलत दूसरा यलो कार्ड थमा देता है, तो VAR तुरंत बीच में दखल देकर उस फैसले को पूरी तरह बदल सकता है।
खेल को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए VAR अब कॉर्नर किक, पेनल्टी या थ्रो-इन जैसी स्थितियों पर भी नजर रखेगा। खेल दोबारा शुरू होने से ठीक पहले अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर फाउल या बदतमीजी करता है, तो VAR उसे पकड़ लेगा। पहले इस तरह की घटनाओं पर लाइव रिव्यू की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
टीम मैच छोड़कर जाती है तो क्या?
मैदान पर रेफरी के फैसलों का विरोध करने और नाराजगी में पूरी टीम के साथ वॉकआउट करने यानी मैदान छोड़ने की जिद अब भारी पड़ेगी। अनुशासन बनाए रखने के लिए तय हुआ है कि अगर कोई पूरी टीम विरोध स्वरूप मैच बीच में छोड़कर बाहर जाती है, तो पूरी टीम को ही रेड कार्ड थमा दिया जाएगा।












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