Mukesh Chandrakar Case: हत्या का मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर गिरफ्तार, जांच में राजनीतिक साजिश के संदेह
Bastar: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या (Mukesh Chandrakar Murder Case) के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को रविवार देर रात हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक पत्रकार मुकेश NDTV के साथ जुड़े हुए थे और अपना यूट्यूब चैनल 'बस्तर जंक्शन' भी चलाते थे।
मुकेश 1 जनवरी से लापता थे और बाद में 3 जनवरी को उनका शव ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में एक सील किए गए सेप्टिक टैंक में पाया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोटों के निशान मिले, जो हत्या की साजिश की पुष्टि करते हैं।

एस आई टी टीम प्रभारी मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने जांच पर अपडेट शेयर करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया गया था केवल सुरेश फरार चल रहा था। बता दें, आरोपियों में से एक मृतक मुकेश का भाई है।
हत्या का राजनीतिक एंगल
इस मामले में राजनीतिक विवाद तब खड़ा हुआ जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुरेश चंद्राकर को कांग्रेस नेता बताया। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सुरेश ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जी वेंकट ने भी इस बात की पुष्टि की।
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जांच के लिए SIT का गठन
मामले की जांच के लिए बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। पुलिस ने सुरेश चंद्राकर के साथ उसके भाई रितेश चंद्राकर, महेंद्र रामटेके और दिनेश चंद्राकर को भी गिरफ्तार किया है। मुकेश के लापता होने की रिपोर्ट उनके भाई युकेश चंद्राकर ने 2 जनवरी को दर्ज कराई थी। बताया गया कि हत्या से पहले सुरेश और मुकेश के बीच ठेकेदारी के काम में दखल को लेकर विवाद हुआ था।
भ्रष्टाचार उजागर करना बनी मौत की वजह?
मुकेश ने हाल ही में बीजापुर की सड़क निर्माण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। उनकी रिपोर्ट के बाद PWD ने जांच शुरू की थी। माना जा रहा है कि इस खुलासे के चलते उनकी हत्या हुई।
मुकेश का पत्रकारिता करियर (Mukesh Chandrakar Career)
मुकेश चंद्राकर ने 2021 में माओवादियों की कैद से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी। उनके यूट्यूब चैनल के 1.59 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण हैं।
सुरेश चंद्राकर की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस इस जघन्य अपराध के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मुकेश की हत्या ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनके परिवार और देशभर के पत्रकारों को अब न्याय की उम्मीद है।
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