कानूनी चुनौतियों को पीछे छोड़ अब नए मिशन पर अदाणी: AI और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा दांव!

अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी ने कहा है कि अदाणी ग्रुप अब अमेरिका में कानूनी चुनौतियों के दौर से बाहर निकल चुका है। ग्रुप अब एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों में निवेश की रफ्तार बढ़ा रहा है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बढ़ती डिमांड का पूरा फायदा उठाया जा सके।

Adani Advances AI-Driven Infrastructure Growth

शेयरधारकों को लिखे अपने सालाना पत्र में अदाणी ने कहा कि पिछले एक साल में कड़ी निगरानी और जांच के बावजूद ग्रुप विस्तार की अपनी योजनाओं पर अडिग रहा। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका में कानूनी कार्यवाही से जुड़े मामले अब "बीते कल की बात" हो चुके हैं, जिससे ग्रुप अब ग्रोथ के अगले फेज पर फोकस कर पा रहा है।

अदाणी ने अपनी फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के हालिया 24,930 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू का जिक्र करते हुए इसे निवेशकों के भरोसे की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह भरोसा ऐसे समय में मिला है जब ग्रुप गवर्नेंस और रेगुलेटरी मुद्दों पर सवालों के घेरे में था।

"भले ही पिछला साल दुनिया के लिए उथल-पुथल भरा रहा, जहां एनर्जी सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दे राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में आ गए, लेकिन अदाणी ग्रुप अपने इस अटूट विश्वास पर कायम रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता," उन्होंने कहा।

"जब दूसरे लोग बहस कर रहे थे, तब हमारा ग्रुप निर्माण में जुटा था। हमने एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, यूटिलिटीज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में अपना सफर जारी रखा।"

पोर्ट से लेकर एनर्जी सेक्टर तक फैले इस ग्रुप के लिए यह तरक्की आसान नहीं थी। अदाणी ने कहा, "यह सब असाधारण जांच-परख के बीच हुआ। लेकिन हम न झुके, न ही रुके। हमारी पहचान हमारे आसपास के शोर से नहीं, बल्कि हमारे जवाब की मजबूती से होती है। चुनौती कितनी बड़ी है, इससे ज्यादा जरूरी हमारे मकसद की स्पष्टता और राष्ट्र निर्माण में हमारा अटूट विश्वास है।"

अदाणी ने 2024 के अंत से ग्रुप पर दबाव बनाने वाली कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों को पीछे छोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा, "अमेरिकी कानूनी कार्यवाही से जुड़े मामले अब खत्म हो चुके हैं, जिससे हम नए आत्मविश्वास और भरोसे के साथ विकास के अगले चरण पर ध्यान दे पा रहे हैं।"

बता दें कि अदाणी ग्रुप को रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोपों में अमेरिकी अधिकारियों की जांच का सामना करना पड़ा था, जिसे ग्रुप ने सिरे से खारिज कर दिया था। जहां अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ इस मामले में समझौता हो गया है, वहीं अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने फाउंडर और अन्य लोगों के खिलाफ सभी आरोप हटाने का फैसला किया है।

चेयरमैन ने अपनी रणनीति के दो मुख्य स्तंभ बताए - इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस। उन्होंने तर्क दिया कि AI को तेजी से अपनाने के लिए बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की जरूरत होगी। अदाणी ने जोर देकर कहा, "AI के सोचने से पहले, बिजली का प्रवाह जरूरी है।" उनका मानना है कि भविष्य का तकनीकी नेतृत्व जितना सॉफ्टवेयर पर निर्भर है, उतना ही फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी होगा।

ग्रुप ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। यह ग्रुप के अब तक के सबसे बड़े सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम्स में से एक है, जिसके तहत रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन, पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स और डेटा सेंटर्स का विस्तार किया गया।

अदाणी ग्रीन ने इस साल 5.1 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी, जिससे इसका कुल ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 19 गीगावाट से ज्यादा हो गया है। वहीं, अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने 5 मेगावाट के ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर 71,779 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, अदाणी पावर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2032 तक उत्पादन क्षमता को 42 गीगावाट तक ले जाना है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर ग्रुप ने 2030 तक 2 गीगावाट का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए विशाखापत्तनम में एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए गूगल (Google) के साथ करार (MoU) भी किया गया है।

अदाणी पोर्ट्स ने इस साल 500 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो हैंडल किया। वहीं, ग्रुप के एयरपोर्ट बिजनेस ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट पर एक नए टर्मिनल का काम शुरू किया।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रुप की कंपनियों का कुल रेवेन्यू 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2.92 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 46,377 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

भविष्य की राह पर अदाणी ने कहा कि ग्रुप के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती पूंजी जुटाना नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना है। भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी जरूरतों को समय पर पूरा करना प्राथमिकता है, खासकर तब जब AI की वजह से बिजली की खपत वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+