Prajakt Tanpure कौन हैं? महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने शरद पवार की NCP को दिया झटका, BJP में हुए शामिल
Prajakt Tanpure Joins BJP: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए पूर्व मंत्री और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख नेता प्राजक्त तनपुरे ने पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शरद पवार खेमे के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि तनपुरे न केवल अहम नेता थे, बल्कि अहिल्यानगर और राहुरी क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार भी है।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में प्राजक्त तनपुरे ने आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और पूर्व सांसद सुजय विखे पाटिल मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने तनपुरे और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। मुंबई में भाजपा में शामिल होने के दौरान उन्होंने अपने फैसले के पीछे बदलते राजनीतिक हालात और कार्यकर्ताओं के भविष्य की चिंता को प्रमुख वजह बताया।

समर्थकों से चर्चा के बाद लिया फैसला
भाजपा में शामिल होने के बाद तनपुरे ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अकेले नहीं लिया, बल्कि अपने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से विस्तृत चर्चा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता से दूर रहने के कारण कार्यकर्ताओं को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सताने लगी थी।
शरद पवार और जयंत पाटिल से नहीं कर पाए बात
तनपुरे ने स्वीकार किया कि उनके लिए पार्टी छोड़ने का फैसला भावनात्मक रूप से बेहद कठिन था। उन्होंने बताया कि वह न तो शरद पवार और न ही जयंत पाटिल से सीधे इस विषय पर बात कर सके। हालांकि, उन्होंने पार्टी सांसद सुप्रिया सुले को पहले ही अपने निर्णय की जानकारी दे दी थी।
ईडी के दबाव की अटकलों को किया खारिज
राजनीतिक गलियारों में लगाई जा रही ईडी के दबाव वाली अटकलों को तनपुरे ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी फैक्टरी से जुड़ा नोटिस पहले ही रद्द हो चुका है और भाजपा में शामिल होने का फैसला किसी एजेंसी के दबाव में नहीं लिया गया है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सामूहिक भावना का परिणाम बताया।
क्यों थामा भाजपा का हाथ?
तनपुरे का कहना है कि राजनीतिक कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सत्ता का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार, वर्षों तक विपक्ष में रहने के कारण कार्यकर्ताओं को लगने लगा था कि उनका राजनीतिक अस्तित्व कमजोर पड़ रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा।
प्राजक्त तनपुरे कौन हैं?
प्राजक्त तनपुरे महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजनेता हैं, जिन्होंने 2019 में राहुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में जीत हासिल की थी। वे महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास, ऊर्जा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। प्राजक्त तनपुरे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े रहे और वरिष्ठ नेता जयंत पाटील के भांजे हैं। उनका पारिवारिक संबंध भी राजनीति से रहा है, क्योंकि उनके पिता प्रसाद तनपुरे पूर्व सांसद और विधायक रहे हैं।
एमवीए सरकार में निभा चुके हैं मंत्री की जिम्मेदारी
प्राजक्त तनपुरे महा विकास आघाडी सरकार में शहरी विकास और ऊर्जा राज्य मंत्री रह चुके हैं। उनका भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए खासा फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि राहुरी और अहिल्यानगर क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि भाजपा भविष्य में उन्हें विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में भी मौका दे सकती है।
क्या बोले जयंत पाटिल?
तनपुरे के भाजपा में जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि हाल के दिनों में उनका तनपुरे से कोई संपर्क नहीं था। उन्होंने इस फैसले को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि संभवतः अपने क्षेत्र की स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और समर्थकों की मांग को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया होगा।
कई स्थानीय नेता भी भाजपा में हुए शामिल
तनपुरे के साथ राहुरी तालुका एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष मच्छिंद्र सोनवणे और राहुरी नगर परिषद अध्यक्ष भाऊसाहेब मोरे समेत कई स्थानीय नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली। इससे अहिल्यानगर जिले में भाजपा की संगठनात्मक ताकत और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।













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