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आधार से पैन को लिंक करने में नया लोचा, 31 जुलाई है आखिरी तारीख

सरकार की तरफ से टैक्स भरने के लिए 31 जुलाई 2017 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक करने के आदेश के बाद देश के लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चेन्नई। पेशे से बैंकर चेन्नई में रहने वाले के वेंकटेश ने कभी नहीं सोचा था कि उनके नाम का इनीशियल 'के' टैक्स भरने में एक बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। इसी के चलते उनका पैन कार्ड उनके आधार कार्ड से लिंक नहीं हो सका और सरकारी आदेश के अनुसार बिना आधार कार्ड से पैन कार्ड को लिंक किए टैक्स फाइल नहीं किया जा सकता है। वेंकटेश के इनीशियल 'के' का मतलब कृष्णस्वामी है, जो उनके पिता का नाम है और आधार कार्ड में इनीशियल 'के' को कृष्णस्वामी लिखा है। दोनों जगह नाम अलग होने की वजह से उनका पैन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं हो सका है। ये भी पढ़ें- जियो का मुफ्त 100 जीबी वाला ऑफर नहीं है फायदे का सौदा, जानिए क्यों

सरकारी आदेश से लाखों लोग परेशान

सरकारी आदेश से लाखों लोग परेशान

सरकार की तरफ से टैक्स भरने के लिए 31 जुलाई 2017 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक करने के आदेश के बाद देश के लाखों लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन परेशानियों का निपटारा किसी भी अधिकारी द्वारा मैनुअली नहीं किया जा सकता है भले ही वह कितना भी छोटा सा अंतर क्यों न हो। इसी के चलते बहुत से चार्टर्ड अकाउंटेंट से मदद लेने के लिए उनके पास ढेर सारे मैसेज पहुंचे हैं। ये भी पढ़ें- मुकेश अंबानी की कंपनी में नौकरी का मौका, 37 हजार रुपए तक होगी सैलरी

ये भी है दिक्कत

ये भी है दिक्कत

एक कॉलेज लेक्चरर ईगन डी सिल्वा की भी चार्टर्ट अकाउंटेंट कोई मदद नहीं कर सके। ऐसा इसलिए क्योंकि आधार कार्ड में किसी भी स्पेशल कैरेक्टर को स्वीकार नहीं किया जाता है, जबकि पैन कार्ड में स्पेशल कैरेक्टर भी स्वीकार किए जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ के एस श्रीनिवास के साथ, जिनके पैन कार्ड में उनके इनीशियल के बीच पूर्ण विराम (full stop) है, जिसे आधार कार्ड के सिस्टम में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। ये भी पढ़ें- चौके-छक्के पर ठुमके लगाकर चीयर लीडर्स की कितनी होती है कमाई?

नाम बदलने पर हो जाएगी मुश्किल

नाम बदलने पर हो जाएगी मुश्किल

श्रीनिवास कहते हैं कि ऐसी स्थिति में पैन कार्ड पर नाम बदलना हमारे लिए आसान नहीं है। ऐसा करने पर उन्हें बैंक को भी इसकी जानकारी देनी होगी, अपने तीन बैंक खातों के लिए दोबारा से केवायसी देनी होगी, अपने डीमैट अकाउंट को भी इसकी जानकारी देनी होगी और सात ही बीमा कंपनियों को भी इसके बारे में बताना होगा। श्रीनिवास कहते हैं कि यह उनके लिए किसी भयानक सपने से कम नहीं है। ये भी पढ़ें- कैसे पाएं बंदूक, रिवॉल्‍वर या राइफल के लिए लाइसेंस

चार्टर्ड अकाउंटेंट भी परेशान

चार्टर्ड अकाउंटेंट भी परेशान

चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकीलों को मानना है कि सरकार इस समस्या से निजात पाने के लिए आधार कार्ड में मैनुअल तरीके से कुछ बदलाव करने की अनुमति दे सकती है। बेंगलुरु के चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज धारामशी ने कहा- सरकार को इसके लिए एक स्पेशल सेल बनाने चाहिए। हमारे बहुत से क्लाइंट के पास 15-25 सालों से पैन कार्ड है। अब एक नया पैन कार्ड लेना और अपने सभी डॉक्युमेंट को अपडेट करना नामुमकिन है। ऐसे में आधार डेटाबेस की जानकारी को ही सही करना उचित होगा। ये भी पढ़ें- रिलायंस जियो दे रहा तगड़ी कमाई का मौका, हर महीने कमाएं 25-30 हजार रुपए!

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