New Aadhaar App Update: जल्द बंद होगा mAadhaar ऐप, जानिए नए आधार एप में क्या होंगे बड़े बदलाव
New Aadhaar App Update: स्मार्टफोन में डिजिटल आधार कार्ड रखने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी अपडेट है। देशभर के करोड़ों आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने घोषणा की है कि पुराना mAadhaar ऐप जल्द बंद कर दिया जाएगा।
इसकी जगह अब नया Aadhaar App लाया गया है, जिसमें पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षा, स्मार्ट फीचर्स और बेहतर डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम दिया गया है।

UIDAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया कि mAadhaar ऐप जल्द डिस्कंटिन्यू कर दिया जाएगा और यूजर्स को नया Aadhaar App डाउनलोड करना चाहिए। प्राधिकरण के मुताबिक नया ऐप तेज, ज्यादा सुरक्षित और यूजर फ्रेंडली बनाया गया है।
पुराने ऐप से कितना अलग है नया आधार ऐप? UIDAI ने क्या कहा
UIDAI के मुताबिक,"mAadhaar जल्द बंद होने वाला है। नया Aadhaar App डाउनलोड करें और तेज एक्सेस, स्मार्ट फीचर्स और आसान सेवाओं का अनुभव लें। इसे आपके आधार अनुभव को पहले से ज्यादा सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।"
पुराने 'mAadhaar' ऐप की सबसे बड़ी कमी यह थी कि ऑथेंटिकेशन के दौरान यह स्क्रीन पर उपभोक्ता की पूरी आधार जानकारी (जैसे पूरा नंबर, जन्मतिथि आदि) प्रदर्शित कर देता था, जिससे प्राइवेसी लीक होने का खतरा रहता था। नया प्लेटफॉर्म पूरी तरह सेफ और सिलेक्टिव इंफॉर्मेशन शेयर करने पर केंद्रित है:
सुरक्षित QR-बेस्ड शेयरिंग: अब होटल, अस्पताल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तरों या किसी भी सर्विस काउंटर पर भौतिक आधार कार्ड दिखाने या पूरा नंबर बताने की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता ऐप के जरिए एक सुरक्षित क्यूआर (QR) कोड जनरेट कर सकेंगे, जिससे केवल उतनी ही जानकारी सामने वाले को मिलेगी जितनी वेरिफिकेशन के लिए जरूरी होगी।
मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन (OTP + Face): पहले आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए केवल रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले एसएमएस ओटीपी (SMS OTP) पर निर्भर रहना पड़ता था। नए ऐप में सुरक्षा की कई परतें जोड़ी गई हैं। अब सेवा की संवेदनशीलता के आधार पर ओटीपी के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) और QR वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य किया जा सकता है।
बायोमेट्रिक लॉक-अनलॉक पर पूरा कंट्रोल: उपभोक्ता अपने फिंगरप्रिंट, फेस और आइरिस (आंखों की पुतली) के बायोमेट्रिक डेटा को सीधे ऐप के माध्यम से जब चाहें लॉक या अनलॉक कर सकेंगे। इससे सार्वजनिक या किसी दूसरे के डिवाइस पर डेटा के दुरुपयोग का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
नए आधार ऐप को कैसे करें सेटअप? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
नए ऐप की ऑनबोर्डिंग और सेटअप प्रक्रिया को सुरक्षा कारणों से पहले के मुकाबले थोड़ा अधिक डिटेल में बनाया गया है ताकि कोई अन्य व्यक्ति आपके नाम पर लॉगिन न कर सके:
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के वेरिफाइड ऐप स्टोर (गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर) से ऑफिशियल Aadhaar ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलने के बाद अपनी पसंदीदा भाषा चुनें और वही मोबाइल नंबर दर्ज करें जो आपके आधार कार्ड से लिंक है।
- इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) से इसे वेरिफाई करें।
- सुरक्षा जांच के अगले चरण में कुछ यूजर्स से सेटअप के दौरान ही लाइव फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) करने के लिए कहा जा सकता है।
- रक्षा को पुख्ता करने के लिए एक मजबूत 4-अंकों का पिन (PIN) बनाएं या अपने फोन का फिंगरप्रिंट/फेस अनलॉक इनेबल करें।
- अंत में अपना आधार नंबर दर्ज करें और एक आखिरी बार ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा कर अपना डिजिटल आधार सुरक्षित रूप से डाउनलोड करें।
फ्री आधार डॉक्यूमेंट अपडेट की समयसीमा अब 14 जून 2027 तक बढ़ी
इस तकनीकी बदलाव के बीच केंद्र सरकार और UIDAI ने देश के नागरिकों को एक और बहुत बड़ी राहत दी है। सरकार ने एक आधिकारिक ज्ञापन (Official Memorandum) जारी कर फ्री ऑनलाइन आधार डॉक्यूमेंट अपडेट सेवा की अंतिम तिथि को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है।
पहले जारी किए गए आदेश के अनुसार, 'माय आधार' (myAadhaar) पोर्टल पर मुफ्त में पहचान और पते के दस्तावेजों (Identity & Address Proof) को ऑनलाइन अपडेट करने की यह सुविधा केवल 15 जून 2026 तक उपलब्ध थी। लेकिन अब नागरिक 14 जून 2027 तक बिना किसी शुल्क के अपने दस्तावेजों को ऑनलाइन अपडेट और वेरिफाई कर सकेंगे। ध्यान रहे कि यह मुफ्त सेवा केवल 'माय आधार' ऑनलाइन पोर्टल के लिए है; आधार केंद्रों पर जाकर अपडेट कराने पर पहले की तरह ही निर्धारित शुल्क देना होगा।
Aadhaar App का करोड़ों यूजर्स पर पड़ेगा असर
भारत में करोड़ों लोग mAadhaar ऐप का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नए Aadhaar App पर शिफ्ट होना आने वाले समय में सभी यूजर्स के लिए जरूरी हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल पहचान से जुड़े जोखिमों को देखते हुए UIDAI का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए ऐप के जरिए डिजिटल पहचान को ज्यादा सुरक्षित, नियंत्रित और आधुनिक बनाने की कोशिश की गई है।














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