Iran War Update: ट्रंप-मुनीर पर ईरान को भरोसा नहीं! चीन के सहारे चली नई चाल, खेल में बुरा फंसेगा अमेरिका?
Iran War Update: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और अमेरिका के साथ संभावित समझौते से पहले ईरान ने एक बड़ा कदम उठाया है। डिफेंस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि, ईरान ने चीन से सुरक्षा गारंटी देने की मांग की है। यह कदम इस बात को दिखाता है कि तेहरान को वाशिंगटन पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, भले ही दोनों देशों के बीच बातचीत अभी भी जारी हो। इसके अलावा पाकिस्तान जो खुद को मीडिएटर बता रहा है उसकी भी कुछ अच्छी छवि नहीं है।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने बीजिंग में पहुंचाया ईरान का संदेश
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी नेताओं को ईरान का यह संदेश पहुंचाया। इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें कई बड़े देश सीधे या परोक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं।

चीन को सुरक्षा गारंटर बनाने की ईरान की मांग
तेहरान चाहता है कि भविष्य में अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में चीन को एक गारंटर की भूमिका दी जाए। खासकर क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मामलों में ईरान चीन से मजबूत आश्वासन चाहता है। CNN-News18 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की यह मांग उसकी सुरक्षा चिंताओं और भरोसे की कमी को साफ दिखाती है।
यूरेनियम भंडार बना सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा
रिपोर्ट में बताया गया है कि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) का बड़ा भंडार इस पूरे विवाद का सबसे अहम मुद्दा है। ईरान इसे चीन को सौंपने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन इसके बदले उसे टॉप लेवल की गारंटी चाहिए होगी। यह शर्त इस डील को और भी जटिल बना रही है।
ट्रंप का रुख और ईरान की चिंताएं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान को किसी भी हालत में एनरिच्ड यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वाशिंगटन का कहना है कि ऐसा कोई भी कैमिकल न्यूक्लियर हथियार को बनाने में इस्तेमाल हो सकता है। दूसरी ओर, ईरान बिना मजबूत सुरक्षा आश्वासनों के अपना यूरेनियम बाहर भेजने को तैयार नहीं हैे।
दोहा बन रहा है कूटनीति और गुप्त बातचीत का केंद्र
इस बीच कतर की राजधानी दोहा धीरे-धीरे क्षेत्रीय कूटनीति और गुप्त बातचीत का बड़ा केंद्र बन रही है। यहां अमेरिका और ईरान के बीच अगली बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी कतर की यात्रा पर जाएंगे, जबकि कुछ वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी भी इनडायरेक्ट बातचीत के लिए दोहा में मौजूद हो सकते हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।
बढ़ते तनाव के बीच शांति की कोशिशें तेज
पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि ईरान और अमेरिका के बीच नए संघर्ष को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें तेज हो गई हैं। इस प्रक्रिया में चीन, पाकिस्तान और खाड़ी देश मध्यस्थ या सहायक भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, चीन की संभावित गारंटर भूमिका, यूरेनियम ट्रांसफर और अन्य समझौतों पर अभी तक किसी भी सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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