महिला अधिकारी की सूझबूझ से टली अनहोनी, मंदिर में मांस का टुकड़ा मिलने के बाद मचा था बवाल
औरंगाबाद में एक महिला अधिकारी की सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी होने से टल गई। प्रभारी सीओ डॉ. शोभा कुमारी की पहल ने साम्प्रदायिक हिंसा को भड़कने से बचा लिया।
दरअसल, औरंगाबाद में हसपुरा थाना क्षेत्र के काजी बिगहा गांव के एक मंदिर में मांस का टुकड़ा मिलने के बाद तनाव फैल गया। हिन्दू पक्ष के लोग प्रतिबंधित मांस का टुकड़ा देख कर आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने काजी बिगहा मोड़ के पास हसपुरा मेहंदिया रोड पर आगजनी की और बांस-बल्ले लगा कर सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया। ग्रामीण किसी की सुनने को तैयार नहीं थे।

घटना की सुचना पाकर मौके पर पहुंची प्रभारी सीओ डॉ. शोभा कुमारी ने साहस करते हुए आगे जाकर ग्रामीणों से बात की उन्हें समझाया-बुझाया। फिर आधी रात को महिला अधिकारी ने खुद झाड़ू और बाल्टी ले कर मांस का टुकड़ा हटाया और अकेले पूरे मंदिर को धोया। फिर पूजा करवाई। जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा कम हुआ और मामला शांत हुआ। जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क से बांस-बल्ले हटाए।
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मामला शनिवार शाम का है। मंदिर में मांस का टुकड़ा मिलने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्साए ग्रामीणों ने किसी भी अधिकारी, जनप्रतिनिधियों को पास फटकने नहीं दिया। लोगों के आक्रोश के आगे पुलिस प्रशासन भी बेबस नजर आई। ग्रामीणों के तेवर को देख पुलिस को प्रदर्शनकारियों से 50 मीटर दूर ही खड़ा रहना पड़ा। लोगों का कहना है कि ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने SDPO ऋषि राज को भी मंदिर के पास जाने से रोक दिया था। लगातार डीएम और एसपी को बुलाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने मीडिया को भी मंदिर के पास फटकने नहीं दिया। जिसके बाद प्रभारी सीओ डॉ. शोभा कुमारी ने सूझबूझ दिखाते हुए ग्रामीणों से बात की और खुद मंदिर की सफाई करने की पहल की। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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