'कांग्रेस ने देश को बदहाली में धकेला, कलंक हिंदुओं पर लगाया', 12 साल पूरे होने PM मोदी की 10 बड़ी बातें
PM Modi Key Highlights: एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की धीमी विकास दर को गलत तरीके से 'हिंदू विकास दर' का नाम दिया गया, जबकि इसे 'कांग्रेस विकास दर' कहना चाहिए था। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन ने देश को बेबसी, दुख और हीन भावना में धकेल दिया।
भारत मंडपम में आयोजित एनडीए बैठक में नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सम्मानित किया गया। उन्होंने 4,399 दिन पूरे कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस मौके पर पीएम ने कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की और एनडीए के 12 सालों को 'आशा से आत्मविश्वास' तक का सफर बताया। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस ऐतिहासिक बैठक में कही गई 10 बड़ी बातें विस्तार से...

1. 'हिंदू विकास दर' नहीं, 'कांग्रेस विकास दर' थी
पीएम मोदी ने सबसे तीखा कटाक्ष कांग्रेस पर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में धीमी आर्थिक विकास को चालाकी से 'हिंदू विकास दर' का नाम दे दिया गया। असल में यह कांग्रेस की विफलता थी। न गवर्नेंस, न नीति, न नीयत और न ही निर्णय लेने की क्षमता।
'कार्यशैली कांग्रेस की थी, जिम्मेदारी कांग्रेस की थी, विफलता भी कांग्रेस की थी, लेकिन कलंक देश की विशाल हिंदू आबादी पर लगा दिया गया।' पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने देशवासियों को यह विश्वास दिला दिया था कि तेज विकास असंभव है।
2. कांग्रेस ने देश को बेबसी और हीन भावना में धकेला
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के कुसंस्कार ने देश को निराशा, बेबसी और हीन भावना से भर दिया। घोटालों की भरमार, नीतिगत पंगुता और फैसले न ले पाने की स्थिति ने विकास को ठहरा दिया। 2014 से पहले देश 'फ्रेजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
3. 12 साल में कांग्रेस के दुष्चक्र से मुक्ति
एनडीए की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए पीएम ने कहा कि देश कांग्रेस के दुष्चक्र से आजाद हो गया। 2014 में जनता ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद एनडीए पर भरोसा जताया। आज वह आशा की किरण आत्मविश्वास में बदल चुकी है।
4. सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित PM
26 मई 2014 को पदभार संभालने के बाद पीएम मोदी ने 4,399 दिन पूरे किए। उन्होंने नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पार कर लिया। पीएम ने इसे ईश्वर की कृपा और जनता-जनार्दन का आशीर्वाद बताया। 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र के साथ उन्होंने इसे सामूहिक यज्ञ करार दिया।
5. नेशन फर्स्ट: दल से बड़ा देश
पीएम मोदी ने बार-बार 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब देश पहले आता है तो कोई फैसला कठिन नहीं होता। अनुच्छेद 370 हटाना, पूर्वोत्तर में शांति स्थापना, सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक जैसे फैसले इसी भावना से लिए गए।
6. आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
पीएम ने कहा कि पहले भारत चुपचाप आतंकी हमले सहता था, अब सटीक जवाब दिया जाता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत की नई ताकत और संकल्प को दुनिया के सामने रखा।
7. मध्यम वर्ग को टैक्स राहत और नए अवसर
मध्यम वर्ग की चुनौतियों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय अब टैक्स मुक्त है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी टैक्स सिस्टम ने मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
8. जनभागीदारी से बनी सफलताएं
पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत, डिजिटल पेमेंट और कोविड प्रबंधन में जनता के सहयोग को याद किया।
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स्वच्छता का आह्वान: पूरा देश निकल पड़ा
- डिजिटल पेमेंट: भारत रियल टाइम ट्रांजेक्शन में विश्व में नंबर 1
- कोविड में संयम: देश ने मिलकर महामारी का सामना किया
उन्होंने कहा, 'जनता ने कभी हमें निराश नहीं किया।'
9. आर्थिक उपलब्धियां: फ्रेजाइल फाइव से तेज रफ्तार
वैश्विक मंदी के बावजूद भारत 2025-26 में 7.7% और पिछली तिमाही में 7.8% विकास दर हासिल कर रहा है। पीएम ने कहा कि यह 'कांग्रेस थोक मूल्यांक' और 'एनडीए खुदरा मूल्यांक' का फर्क है। पुरानी व्यवस्था काम अटकाती थी, नई व्यवस्था काम तेज और बड़े पैमाने पर करती है।
10. अगले दशक को उपलब्धि और श्रेष्ठता का बनाएं
पीएम मोदी ने भविष्य की दिशा बताई कि सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, चिप, बैटरी, स्पेस, ड्रोन, डेटा सेंटर्स, क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता। उन्होंने राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया। 'आइए, अगले दशक को उपलब्धियों के साथ-साथ श्रेष्ठता का भी दशक बनाएं।'
12 साल का सफर: आशा से आत्मविश्वास तक
2014 में जब एनडीए सत्ता में आया तो देश में नई उम्मीद जगी थी। आज 2026 में वह उम्मीद आत्मविश्वास में बदल चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि नियत, नीति और निर्णय जब साथ चलते हैं तो विकास की रफ्तार बदल जाती है।
उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाले पहले एनडीए शासन का भी जिक्र किया और 2004 के बाद कांग्रेस शासन की विफलताओं पर रोशनी डाली।













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