Parama Ekadashi 2026 Katha: क्या है परमा एकादशी की कथा? कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा?
Parama Ekadashi 2026 Katha: हिंदू धर्म में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है, ये व्रत 11 जून को है, यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इसका व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यता है कि परमा एकादशी का व्रत हजारों यज्ञों और तीर्थ यात्राओं के समान पुण्य प्रदान करता है। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और उसे सुख की प्राप्ति होती है।

परमा एकादशी व्रत कथा
दयानंद शास्त्री ने कहा कि एकादशी की पूजा के बिना ये व्रत अधूरा है, इस दिन व्रत रखने वालों को जरूर परिवार सहित कथा का श्ववण करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण अपनी पत्नी पवित्रा के साथ अत्यंत गरीबी में जीवन व्यतीत करता था। दोनों धर्मपरायण थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अनेक कष्ट सहने पड़ते थे।
कौंडिन्य ऋषि ने दी परमा एकादशी व्रत रखने की सलाह
एक दिन उनके घर कौंडिन्य ऋषि पधारे। ब्राह्मण दंपति ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार उनका सत्कार किया। उनकी सेवा से प्रसन्न होकर ऋषि ने उन्हें परमा एकादशी व्रत का महत्व बताया और श्रद्धापूर्वक व्रत करने की सलाह दी। ब्राह्मण दंपति ने विधिपूर्वक परमा एकादशी का व्रत किया। भगवान विष्णु की कृपा से उनकी गरीबी दूर हो गई, घर में धन-धान्य की वृद्धि हुई और जीवन सुखमय बन गया। अंत समय में उन्हें विष्णुलोक की प्राप्ति हुई तभी से परमा एकादशी व्रत को विशेष फलदायी माना जाता है।
परमा एकादशी की पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें।भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।विष्णु सहस्रनाम और एकादशी कथा का पाठ करें।दिनभर व्रत रखें और भगवान का स्मरण करें।रात्रि में भजन-कीर्तन करें।द्वादशी तिथि में व्रत का पारण करें।
परमा एकादशी मंत्र
- भगवान विष्णु का मूल मंत्र
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
- ॐ विष्णवे नमः।
- एकादशी व्रत मंत्र














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