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एयर इंडिया प्लेन क्रैश: काश! विश्वास की यह कोशिश सफल होती तो भाई अजय भी जिंदा होता, नए इंटरव्यू में क्या बताया

Air India Plane Crash 2025: विश्वास रमेश कुमार। वही एक नाम जिसे गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में जीवनदान मिला। 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के चंद सेकंड बाद क्रैश हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में सवार विश्वास ने मौत को मात दी। A-11 सीट पर बैठे विश्वास को अब भी 'विश्वास' है कि अगर उनकी एक छोटी-सी कोशिश सफल हो जाती, तो शायद उसी विमान में सवार उनका छोटा भाई अजय रमेश कुमार भी आज जिंदा होता।

40 वर्षीय विश्वास रमेश कुमार का पैतृक घर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित दीव गांव में है, जो अहमदाबाद से 371 किलोमीटर दूर है। 18 जून 2025 को दीव में उनके छोटे भाई 35 वर्षीय अजय कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। अहमदाबाद सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने गांव पहुंचे विश्वास ने भाई की अर्थी को कंधा दिया और मीडिया से बातचीत में विमान हादसे में खुद के बचने और भाई को बचाने की कोशिशों की असल कहानी साझा की।

Vishwas Ramesh Kumar Interview

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Vishwas Ramesh Kumar Interview: विश्वास रमेश का इंटरव्यू

अपने भाई के अंतिम संस्कार के बाद ब्रिटेन के प्रमुख समाचार पत्र The Sun के अमेरिकी ऑनलाइन संस्करण को दिए इंटरव्यू में विश्वास रमेश कुमार ने कहा, "एयर इंडिया विमान दुर्घटना से चमत्कारिक रूप से बचा हूं। शारीरिक रूप से ठीक महसूस कर रहा हूं, लेकिन यह जीवनभर मलाल रहेगा कि मैं अपने भाई अजय को नहीं बचा सका। काश! आज मेरी जगह वह जीवित होता।"

Vishwas Ramesh Kumar Interview

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AI-171 Crash Survivor: टेकऑफ के तुरंत बाद विमान में क्या हुआ?

विश्वास ने बताया, "एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (VT-ANB) ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए 1:39 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के चंद सेकंड बाद ही मुझे महसूस हो गया कि कुछ गड़बड़ है। ऐसा लग रहा था जैसे विमान में कुछ अटक गया हो। लाइटें टिमटिमाने लगी थीं।"


आंख खुली तो खुद को जिंदा पाया: "सब कुछ चंद सेकंड में हुआ। ऐसा लगा कि टेकऑफ के बाद विमान ऊपर जाने की बजाय नीचे जा रहा है। अचानक तेज झटके के साथ विमान एक इमारत से टकराया और जोरदार विस्फोट हुआ। मुझे लगा कि अब मेरी मौत तय है। आंखें बंद हो गई थीं। फिर जब होश आया तो देखा कि मैं जिंदा हूं और चारों तरफ तबाही फैली हुई है।"

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कैसे बचे विश्वास रमेश? "विमान हादसे के बाद जैसे ही आग फैली, मैंने तुरंत सीट बेल्ट खोली। सौभाग्य से विमान वहीं क्रैश हुआ जहां जमीन थी। आपातकालीन दरवाजा टूटते ही मुझे एक छोटा-सा छेद दिखाई दिया। मैंने अपने पैर से जोर लगाया और उस छेद से रेंगकर बाहर निकल आया। विमान में सवार बाकी 241 लोग मारे गए। आज भी मैं समझ नहीं पा रहा कि मैं कैसे बच पाया!"

Vishwas Ramesh Kumar Interview

Vishwas Ramesh Kumar Brother Ajay: भाई को ढूंढने गया था आग की लपटों में

विश्वास रमेश बोले कि "दुर्घटनास्थल से निकलकर लड़खड़ाते हुए बी.जे. मेडिकल कॉलेज परिसर से बाहर आया। मैं अपने भाई अजय को तलाशने के लिए वापस आग की लपटों में जाना चाहता था, लेकिन तब तक छात्रावास की दिशा में आग का बड़ा गोला फैल चुका था। तभी दमकल और एम्बुलेंस वहां पहुंचीं। मुझे एक मील दूर अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के बाद मंगलवार को छुट्टी मिली।"

Vishwas Ramesh Kumar Interview

Air India Flight A-11 seat: भाई के लिए लेना चाहता था बगल वाली सीट

विश्वास रमेश ने कहा कि "मैंने चाहा था कि अजय मेरे बगल वाली सीट पर बैठे। मुझे सीट 11-A मिल गई थी, लेकिन अजय के लिए बगल वाली सीट बुक करने की कोशिश की, जो तब तक किसी और को मिल चुकी थी। हम दोनों उसी पंक्ति में जरूर थे, लेकिन आठ सीटों का फासला था। काश! अगर हम साथ बैठे होते, तो शायद उसे बचाने में कामयाब हो जाता। इस बात का अपराध बोध हमेशा रहेगा।"

Vishwas Ramesh Kumar Interview

Ramesh Vishwas Kumar kon Hai: : विश्वास रमेश कुमार का परिवार

विश्वास और अजय के माता-पिता का नाम बावा और मिणभाई है। परिवार में चार भाई हैं - विश्वास, अजय, सनी और नील। समुद्र तट के पास बसे इस परिवार का पेशा मछली पकड़ना है, जिनके पास कई नौकाएं हैं। मानसून के दौरान मछली पकड़ना बंद हो जाता है, इसलिए विश्वास और अजय ने लंदन में गारमेंट्स का कारोबार शुरू किया। वे सीजन के अनुसार दीव और लंदन में रहते हैं। विश्वास रमेश कुमार के पास ब्रिटिश नागरिकता भी है।

Vishwas Ramesh Kumar Interview

Ahmedabad Plane Crash Reason: अहमदाबाद विमान हादसा 2025

12 जून 2025 को दोपहर में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही समय बाद अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में मेडिकल कॉलेज और छात्रावास की इमारतों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में कुल 242 लोग सवार थे-दो पायलट (सुमित सभरवाल और क्लाइव कुंडर), 10 क्रू मेंबर और 230 यात्री।

केवल विश्वास रमेश कुमार ही जीवित बचे, बाकी सभी मारे गए। मृतकों में उनके भाई अजय कुमार, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, और मेडिकल छात्र मानव, आर्यन, राकेश, जयप्रकाश सहित कई लोग शामिल थे। प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल चुका है। उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद अहमदाबाद विमान हादसे के कारणों का पता चल सकेगा।

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