राहुल की करामात है सरकारी लोकपाल: अन्ना हजारे

अरुणा रॉय ने कहा कि लोकपाल बिल सरकार ने तो लोकपाल बिल का मजाक बना डाला है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने सीधे सरकार से सवाल पूछा कि कौन झूठा है? प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री या अभिषेक मनु सिंघवी?
अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल से खिलवाड़ के पीछे राहुल गांधी का हाथ बताया है। उन्होंने कहा- ये हमारी अन्ना टीम या अन्ना के साथ नहीं देश की जनता के साथ धोखा हुआ है। तीन मुद्दे सिटीजन चार्टर, सरकारी कर्मचारी और प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने के लिए प्रधानमंत्री ने लिखित दिया। उसकी सहमति हो गई। उसकी कॉपी मुझे भेजी गई और हमने उसके बाद अपना अनशन तोड़ा। अब सिंघवी कहते हैं कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला। ये सरकार है या बनिया की दुकान है।
यह धोखाधड़ी है जनता के साथ हुई है। पहले हमने कहा कि सरकारी बिल नहीं चलेगा। उसके बाद ड्राफ्ट बनाने के लिए ज्वाइंट कमेटी बनी। ढाई महीने तक बैठकें चलीं। पांच वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। सबने कहा कि हम कैबिनेट के सामने लायेंगे बिल लायेंगे। पहली धोखा धड़ी वहां पर हुई। कैबिनेट के सामन हमारा बिल रखा ही नहीं गया। स्टैंडिंग कमेटी में हमारे बिल पर चर्चा ही नहीं हुई।
यह हमारे साथ धेखा धड़ी नहीं है, यह पूरे देश के साथ धोखा है। आज सामान्य लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। जब तक सी ग्रुप और डी के कर्मचारी लोकपाल के दायरे में नहीं आते तब तक न्याय नहीं मिलेगा। देश का भ्रष्टाचार नहीं खत्म होगा। प्रधानमंत्री से लेकर स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष ऐसी पलटी क्यों खाते हैं। इसका मतलब यही कि स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष खुद को प्रधानमंत्री से भी बड़ा समझते हैं।
अन्ना ने आगे कहा- हमें संदेह है इसे चलाने वाला राहुल गांधी हो सकते हैं। इसके पीछे जरूर राहुल गांधी ही हैं। अरे देश मे इतना बड़ा भ्रष्टाचार बढ़ गया आपको दिखाई नहीं दे रहा है। लोग बर्बाद हो रहे हैं। 16 अगस्त को जो लोग आये वो हमारी आवाज नहीं जनता की आवाज है। देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए इनकी नीयत साफ नहीं है। इसलिए कल जो हमारा अनशन हो रहा है। हम स्टैंडिंग कमेटी का ब्वॉयकॉट करते हैं। इसका विरोध करने के लिए हम लोग कल जंतर-मंतर पर बैठेंगे।
22 तक संसद चलेगी। हमारी मांग है कि जितने दिन संसद नहीं चली है, उतने दिन संसद का कार्यकाल आगे बढ़ाया जाये और सशक्त लोकपाल बिल पास किया जाये। अगर ऐसा नहीं होता है तो 27 को हमारा अनशन होगा। फिर भी सरकार नहीं मानी तो पांच राज्यों में मैं खुद जाउंगा और लोगों को बताउंगा, कि जो लोग देश का भ्रष्टाचार मिटाना नहीं चाहते, उनका समर्थन क्यों कर रहे हो। मैं जनता से कहूंगा जो तुम्हारे बारे में नहीं सोचते उन्हें वोट मत देना।
सरकार सोचती है करो अनशन करो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। एक दिन जनता इनको सबक सिखायेगी। जनता के भले के लिए सरकार चला रहे हैं या खुद क भले के लिए सरकार चला रहे हैं। इन लोगों को भगत सिंह, सुखदेव जैसे लोग याद नहीं। अगर याद होते तो इन्हें भ्रष्टाचार दिखाई देता। कोई बात नहीं सब दिखाई देगा। तब जब मैं पांच राज्यों में खुद जाउंगा। यही नहीं जब राष्ट्रीय चुनाव आयेगा तो फिर देश भर में हम लोग फिर घूमेंगे। देश को बर्बाद करने वाले लोगों को क्यों रखना।
अन्ना की अपील:
मैं कल अनशन करने जा रहा हूं। मेरा दिल्ली के सभी भाई बहनों से अनुरोध है कि वो ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें। जो लोग दिल्ली से बाहर हैं या यहां नहीं पहुंच सकते हैं, वो अपने-अपने घर पर अनशन करें। अन्ना के लिए नहीं, अपने देश के लिए अनशन करें। और 27 तारीख को रामलीला मैदान में जब अनशन हो तो उसे उतना ही समर्थन दें, जितना 16 अगस्त को दिया था।












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