IND vs AFG: भारत-अफगानिस्तान की टीमों की बढ़ गई मुश्किलें, BCCI की बड़ी चूक से बीमार हो सकते हैं खिलाड़ी
IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। भारत जहां घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की टीम टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ा उलटफेर करने की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेगी।
मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों ने तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ टीम संयोजन, पिच या प्लेइंग इलेवन को लेकर नहीं है। मुकाबले से पहले एक ऐसा फैक्टर सामने आया है, जो बल्लेबाजों, गेंदबाजों और फील्डरों सभी के प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि मैच से पहले खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्रिकेट नहीं बल्कि परिस्थितियां बनती दिखाई दे रही हैं।

क्या है दोनों टीमों की परेशानी?
आमतौर पर जून का महीना इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट के लिए जाना जाता है। इस समय वहां तापमान अपेक्षाकृत सुहावना रहता है और खिलाड़ी बेहतर परिस्थितियों में खेल पाते हैं। इसके विपरीत उत्तर भारत में जून साल का सबसे गर्म महीना माना जाता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ क्षेत्र में तापमान अक्सर 40 डिग्री के करीब पहुंच जाता है। ऐसे में न्यू चंडीगढ़ में टेस्ट मैच आयोजित करने के फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
धर्मशाला में होना है वनडे
दिलचस्प बात यह है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली वनडे सीरीज का पहला मुकाबला धर्मशाला में निर्धारित है। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां जून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खिलाड़ियों के लिए ज्यादा अनुकूल रहता है। यदि टेस्ट मैच धर्मशाला में कराया जाता और न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबला आयोजित किया जाता, तो खिलाड़ियों को काफी राहत मिल सकती थी।
टेस्ट के लिए आदर्श तापमान कितना?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ट मैचों के लिए 22 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है। वहीं 35 डिग्री से ऊपर का तापमान खिलाड़ियों की फिटनेस, एकाग्रता और प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। तेज गेंदबाजों को लंबे स्पैल फेंकने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जबकि बल्लेबाजों के लिए भी कई घंटों तक क्रीज पर टिके रहना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
खिलाड़ी हो सकते हैं बीमार
इस टेस्ट में भारत और अफगानिस्तान दोनों टीमों को गर्मी से जूझना पड़ सकता है। डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रेस जैसे खतरे खिलाड़ियों के सामने रहेंगे। ऐसे में मुकाबला केवल बल्ले और गेंद का नहीं बल्कि मौसम के खिलाफ भी एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
हालांकि मैच शुरू होने के बाद अंतिम फैसला मैदान पर प्रदर्शन ही करेगा, लेकिन शेड्यूल को देखकर यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या वेन्यू चयन के दौरान मौसम को पर्याप्त महत्व दिया गया था? धर्मशाला जैसे अपेक्षाकृत ठंडे स्थान के उपलब्ध होने के बावजूद न्यू चंडीगढ़ में जून के महीने में टेस्ट कराना कई क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है। आम तौर पर जून में टेस्ट क्रिकेट इंग्लैंड में होता है।












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