Success Story: खल-चूरी बेचने वाले Vikas Luna ने 1 माह में पाईं 7 सरकारी नौकरी, जानें स्ट्रेटेजी
Vikas Luna Sikar Rajasthan: ये है विकास लूणा। कामयाबी का दूसरा नाम और संघर्ष की मिसाल भी। उम्र महज 24 साल और हाथ में 7 सरकारी नौकरी। वो भी एक माह में ही।
विकास लूणा राजस्थान के सीकर जिले में गांव बाजोर का रहने वाला है। बीते माह ही विकास लूणा ने एम्स ऋषिकेश में ऑपरेशन इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल पद पर ज्वाइन किया है।

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वन इंडिया हिंदी से बातचीत में विकास ने अपनी परिवार की आर्थिक स्थिति, गांव में खल-चूरी व किराणा स्टोरी खोलने से लेकर एक माह में सात सरकारी नौकरी पाने तक की पूरी कहानी शेयर की।
इन पदों पर लगी सरकारी नौकरी
1 एम्स भुवनेश्वर में वायरमैन
2 एम्स पटना में लिफ्ट ऑपरेटर
3 एम्स भोपाल में लिफ्ट ऑपरेटर
4 एम्स ऋषिकेश में ऑपरेटर इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल
5 दिल्ली जल बोर्ड में शिफ्ट इंचार्ज
6 जवाहरलाल युनिवर्सिटी में वर्क असिस्टेंट वायरमैन
7 रेलवे की आरआरसी ग्रुप डी

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ट्रक चालक का बेटा है विकास
विकास कहता है कि उनके पिता रामनिवास लूणा सीकर एक ठेकेदार का ट्रक चलाते हैं। चार भाई बहनों में विकास सबसे छोटा है। बड़ी बहन ग्राम सेवक पद पर है जबकि भाई विदेश से कमाकर लौटा है। दूसरी बहन व मां हाउसवाइफ हैं।
2020 में खोली दुकान
विकास का घर गांव बाजोर में श्यामपुरा रोड पर है। परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण विकास ने दिसंबर 2020 में अपने घर पर ही खल-चूरी व किराणा स्टोर खोल लिया, जिसे अब विकास की नौकरी लग जाने के बाद भाई संभालेगा।

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दुकान पर बैठकर की तैयारी
विकास की मानें तो उसने कभी किसी कोचिंग में जाकर तैयारी नहीं की। सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक दुकान पर बैठा रहता था। इसी दौरान दुकान पर बैठे-बैठे मोबाइल पर ऑनलाइन क्लास ज्वाइन करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।

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विकास की सक्सेस स्ट्रेटेजी
विकास कहता है कि 'सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। मैंने भी योजना बनाकर तैयारी की है। रेलवे भर्ती की तैयारी के दौरान गणित से जुड़े सवालों की अच्छी तैयारी की थी। फिर मैंने तकनीकी सवालों पर मजबूत पकड़ बनाई और नतीजा यह रहा कि दिसंबर में ही सात जगह नौकरी लग गई।












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