Premila Kanwar Success Story: पति की मौत के बाद फिर उठाईं किताबें और कामयाब हो गई प्रेमिला कंवर
Premila Kanwar Success Story: अपनों को खो देने के बाद अक्सर लोग टूट जाते हैं। गम में डूब जाते हैं। कुछ भी नया करने का मन नहीं करता। जिंदगी काट रहे होते हैं बस, मगर इस मामले में प्रेमिला कंवर की स्टोरी थोड़ी जुदा व प्रेरित करने वाली है।
प्रेमिला कंवर राजस्थान के डूंगरपुर के फतेहगढ़ पचलासा छोटा की रहने वाली है। प्रेमिला की शादी नवंबर 2012 को शंभसिंह राठौड़ के साथ हुई थी। शादी के बाद जिंदगी ठीक चल रही थी। बेटा लक्ष्यराज सिंह व बेटी प्रीति पैदा हुई है।

बेटे के जन्म के डेढ़ साल बाद 5 अप्रैल 2018 को शंभूसिंह राठौड़ की सड़क हादसे में मौत हो गई। दो बच्चों को पाला और सास-ससुर की सेवा भी की। पति की मौत के बाद आठवीं पास प्रेमिला ने फिर से किताबें उठाईं और कोटा ऑपन से दसवीं व बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की।
12 तक पढ़ने के बाद प्रेमिला ने दिन में चूल्हा-चौका, खेती-बाड़ी, बच्चों की परवरिश करती और रात को प्रेतियोगी परीक्षाओं की तैयारी। इस दौरान प्रेमिला को परिजनों का खूब सपोर्ट मिला। नतीजा यह रहा कि प्रेमिला ने राजस्थान वनरक्षक भर्ती परीक्षा भी पास कर ली।
मीडिया से बातचीत में प्रेमिला के जेठ जसवंत सिंह कहते हैं कि प्रेमिला ने घर-परिवार व बच्चों को संभालने के साथ-साथ खेतीबाड़ी भी करती हैं। इसी में से समय निकालकर पहले दसवीं-बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। फिर प्रतियोगिता परीक्षा में चयन पाया है। पूरा परिवार प्रेमिला की हिम्मत की दाद दे रहा है।
वनरक्षक बनने के बाद भी प्रेमिला कंवर ने मेहनत करना नहीं छोड़ा है। अभी एसटीसी कर रही है। आगे की पढ़ाई भी करेगी। प्रेमिला कंवर की सक्सेस स्टोरी उन लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है, जो खुद की कामयाबी के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं।
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