Moin Ahamd: हिम्मत हार रहे हो तो कैफे वाले मोईन के IAS बनने की कहानी से साल 2024 में करें नई शुरुआत
Success Story of IAS Moin Ahamd Mansoori: आपका भी कोई ख्वाब पूरा नहीं हो रहा...। कड़ी मेहनत के बावजूद कामयाबी नहीं मिलने पर हिम्मत जवाब दे रही हो तो आप भी मोईन अहमद मंसूरी की स्टोरी पढ़कर नए साल 2024 में फिर से नई शुरुआत कर सकते हो।
मोईन अहमद मंसूरी वो शख्स हैं, जिसका बचपन अभावों में बीता। जवानी में भी बेइंतहा मुफलिसी देखी। UPSC की तैयारी के लिए लोन लेना पड़ा। फिर तीन बार यूपीएससी प्री तक पास नहीं कर पाए, मगर इन सबके बावजूद कभी हिम्मत नहीं हारी।

यह भी पढ़ें- Top 5 IAS of Year 2023: परी बिश्नोई से लेकर टीना डाबी तक ये 5 महिला IAS अफसर क्यों छाईं रही?
लगातार तीन साल तक फेल होकर घोर निराशा में डूबे मोईन अहमद मंसूरी ने दिल की सुनी और एक बार फिर से खुद को एक साल दिया। ईमानदारी से मेहनत की। नतीजा ये रहा कि UPSC 2023 में मोईन अहमद AIR 296 पाकर पश्चिम बंगाल कैडर में IAS बन गए।
अरे 35 लाख की भीड़ देखकर...
25 दिसम्बर 2023 को ही मोईन अहमद मंसूरी ने भी 'अरे 35 लाख की भीड़ देखकर क्या सोचा हम डर जाएंगे...हम कर जाएंगे' वाली सक्सेस स्टोरी को बयां करती मोटिवेशनल रील अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है।

यह भी पढ़ें- Chief Secretary Rajasthan: राजस्थान में बदलेगा मुख्य सचिव, जानें किस IAS पर मेहनबान होगी भजन लाल सरकार?
मंसूरी इंटरनेट कैफे से UPSC तक का सफर
खास बात यह है कि अरे 35 लाख की भीड़ देखकर.... के जरिए मोईन अहमद ने मुराबादाबाद के जटपुरा कस्बे में पंचपीर साहब की दरगाह के पास स्थित अपने साइबर कैफे 'मंसूरी इंटरनेट कैफे' से यूपीएससी तक का सफर दिखाया है।
Moin Ahamd IAS का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में मोईन अहमद कहते हैं कि वे अभी LBSNAA में Training पर हैं। 12वीं पास करने के बाद सोचा करता था कि यूपीएससी की तैयारी करूं क्रिकेटर बनूं? क्रिकेटर बनने के लिए मुराबादाबाद की एक अकादमी भी ज्वाइन की।

यह भी पढ़ें - Pari Bishnoi Wedding: IAS बहू के स्वागत में देसी घी के पकवानों से महका MLA Bhavya Bishnoi का आदमपुर
पहले क्रिकेटर बनने की कोशिश की
मोईन अहमद के कुछ समय बाद ही समझ आ गया था कि क्रिकेटर बनना बस की बात नहीं। ट्रेनिंग व खेल सामग्री काफी महंगी है। पहले कुछ पैसे जुटा लिए जाए। फिर यूपीएससी की तैयारी करनी चाहिए। ऐसे में साल 2017 में जटपुरा में मंसूरी इंटरनेट कैफे खोला।
यह भी पढ़ें - Success story: कौन हैं ये 6 IAS अधिकारी जिन्होंने हिंदी माध्यम से फोड़ डाला UPSC एग्जाम?
बेटा IAS बना तो पिता ने छोड़ी ड्राइवरी
मोईन अहमद के भाई मोहसिन मंसूरी कहते हैं कि पांच भाई बहनों में हम दोनों बड़े थे। हम दोनों भाई कैफे चलाया करते थे। पिता वली हसर संविदा पर बस चालक थे। हालांकि बेटे के आईएएस बनने के बाद पिता ने ड्राइवरी छोड़ दी।

दादा के खाते से भी लेना पड़ा लोन
सालभर तक कैफे चलाने के बाद मोईन मंसूरी ने इसी पर डेढ़ लाख रुपए का बैंक से लोन ले लिया। थोड़ा लोन अपने दादा के खाते से उठाया। करीब तीन लाख का बजट बनाकर यूपीएएसी की तैयारी करने दिल्ली आ गए।

दिल्ली में खर्च हो गए लॉन के रुपए
दिल्ली आने के बाद मंसूरी को पता चला कि यहां खर्च उनके अनुमान से ज्यादा है। कुछ समय में सारे पैसे खर्च हो गए। इसी दौरान यूपीएससी 2019 में फेल भी गए। शुरुआत ही निराशा से हुई।

अतिया फ़ाउंडेशन ने उठाया UPSC तैयारी का खर्च
आर्थिक तंगी की वजह से मोईन मंसूरी ने अतिया फ़ाउंडेशन की परीक्षा पास की ताकि अन्य अभ्यर्थियों की तरह उसकी यूपीएससी का खर्च भी यह फाउंडेशन उठा सके। फिर साल 2020 और 2021 में मोईन से प्री पास नहीं हो पाई।

चौथे प्रयास में सफल हुए मोईन अहमद मंसूरी
लगातार तीन बार फेल होने के बावजूद मोईन घर नहीं लौटे। ना हिम्मत मारी। एक फिर मेहनत की और चौथे प्रयास में साल 2022 में एक साथ प्री, मुख्य और इंटरव्यू तक पास कर डाला। मोहसिन मंसूरी दावा करते हैं कि उनके भाई मुरादाबाद जिले से पहले आईएएस हैं।

बंद हुआ मंसूरी इंटरनेट कैफे
इधर, मोहसिन मंसूरी ने साल डेढ़ साल पहले जटपुरा का मंसूरी इंटरनेट कैफे बंद कर दिया और दिल्ली आकर बैंक में जॉब कर रहे हैं। कहते हैं कि उनका छोटा भाई मोईन उन लोगों के लिए प्रेरणादायी बन गया, जो अफसलता देख हार मान जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications