कैसी रहेगी मोदी के लिए 2017 में सितारों की चाल?
मोदी का जन्म 17 सितम्बर सन् 1950 को सुबह 11 बजे गुजरात में हुआ था। आपकी वृश्चिक राशि है जिसका स्वामी मंगल काफी बलवान अवस्था में है।
लखनऊ। पीएम नरेन्द्र मोदी की कार्यकुश्लता और प्रतिभा का देश में ही नहीं पूरी दूनिया में गुणगान हो रहा है।

आइये जानते है नववर्ष के शुभ बेला परक्या कहते है मोदी के सितारे ?
मोदी का जन्म 17 सितम्बर सन् 1950 को सुबह 11 बजे गुजरात में हुआ था। आपकी वृश्चिक राशि है जिसका स्वामी मंगल काफी बलवान अवस्था में है। वृश्चिक का मंगल आपकी कुण्डली में बना रहा है शत्रुहंता योगा।
इसलिए विरोधी या शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पायेंगे। खास बात ये है जो भी आपका विरोध करेगा उसके असितत्व पर ग्रहण लग जायेगा।
ज्योतिषीय विशलेषण के आधार पर कुछ विशेष तथ्य-
- वर्तमान में मोदी की पत्री में चन्द्रमा की महादशा में शनि की अन्तर दशा चल रही है। चन्द्रमा भाग्येश होकर नीचभंग राजयोग का निर्माण कर रहा है। लग्न में मंगल के साथ चन्दमा की युति है। मोदी जब-तक स्वंय के विवेक के आधार पर निर्णय लेेते रहेंगे तब-तक सब कुछ बेहतरीन होता रहेगा। जैसे ही किसी के बहकावे में आकर कार्य करेंगे तो छवि धूमिल हो सकती है। शनि की दशा में मोदी का वर्चस्व और जनता में लोकप्रियता बनी रहेगी।
- 25 जनवरी से चन्द्रमा का प्रत्यन्तर शुरू हो जायेगा जो 14 मार्च 2017 तक चलेगा और 26 जनवरी से शनि वृश्चिक से धनु राशि में गोचर करना प्रारम्भ कर देगा। हलॉकि मोदी की राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि तृतीयेश व चतुर्थेश होकर दशम भाव में अपने मित्र शुक्र के साथ बलवान अवस्था में बैठा है, इसलिए शनि की साढ़ेसाती मोदी के लिए लाभप्रद साबित होगी।
- 30 सितम्बर तक चतुर्थेश व भाग्येश का कार्यकाल रहेगा। जिस कारण मोदी के द्वारा लिये गये हर निर्णय का विपक्षी विरोध करेंगे उसके बावजूद भी जनता तहे दिल से स्वागत करेगी।
- विशिष्टि व्यक्तियों से मैत्री पूर्ण सम्बन्धों का लाभ मिलेगा। राजनैतिक सफलता का ग्राफ ऊॅचा जायेगा। विदेशों से नयें सम्बन्ध लाभप्रद होंगे।
- भारी ऋण तथा विदेशी सहायता से बचना होगा अन्यथा हानि हो सकती है। 30 सितम्बर से चन्द्रमा की महादशा में बुध की अन्तर दशा प्रारम्भ हो जायेगी। बुध और चन्द्रमा मित्र है एंव बुध लाभ भाव में कन्या राशि में स्थित है किन्तु बुध की दूसरी राशि मिथुन अष्टम भाव में भाव पड़ी है। अष्टम भाव समस्याओं का सूचक है। अतः इस दौरान कुछ समस्यायें चुनौती बनकर मोदी के सामने आ सकती है।
- विपक्षी तथा विरोधी प्रभावी होकर नई योजनाओं में अड़गा लगायेंगे। परियोजनाओं की सफलता के लिए अतिरिक्त श्रम की आवश्यकता है।
- वित्तीय अनुशासन को कड़ाई से लागू करना आवश्यक है अन्यथा सुधार में जस की तस स्थिति बनी रहेगी।
- मन्दी के उपरान्त भी भारत की स्थिति में सुधार से मोदी की विश्व पटल पर लोकप्रियता बढ़ेगी।
- मन्त्रिमण्डल, अधिकारियों व अन्य सरकारी विभागों में सामंजस्य के कारण योजनाओं के पूरा होने में बाधायें आयेंगी।
- विभिन्न मंत्रालयों के मध्य सामंजस्य में गिरावट बनी रह सकती है। जिससे आपका मन व्यथित होगा।
- जनवरी 2017 से अक्टूबर 2017 के मध्य माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
- 12-मार्च 2017 से मई 2017 के मध्य अधिक श्रम व चिन्ताओं के कारण मोदी का स्वास्थ्य खराब होने के आसार नजर आ रहे है।
- 13-नवम्बर 2016 में मोदी के द्वारा लिए गये नोटबंदी जैसे कठोर निर्णय से आने वाले विधान सभा चुनावों में भाजपा को लाभ मिलेगा।
- 14-जनवरी 2017 में मोदी कुछ और निर्णय ले सकते है जिससे गरीब जनता को लाभ होगा एंव बेईमान लोगों को मुसीबत होगी।












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