Prateek Yadav Death: 'नार्मल नहीं है प्रतीक यादव की मौत', सपा विधायक ने उठाए सवाल, कहा-बॉडी पर थे निशान
Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में आज सुबह से उथल-पुथल मची है, वजह है प्रतीक यादव, आपको बता दें कि भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई की बुधवार को मौत हो गई, हर कोई प्रतीक के अकस्मात निधन से सदमे में है, सबके मन मे ंयही सवाल चल रहा है कि 38 साल के प्रतीक की मौत कैसे हुई?
तो वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रविदास महरोत्रा ने इस मामले पर गंभीर शंका जताते हुए रिटायर्ड जज से जांच कराने की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए रविदास महरोत्रा ने कहा कि 'प्रतीक यादव की मौत सामान्य नहीं लग रही है, लोगों के बीच चर्चा है कि शव पर चोट के निशान मौजूद थे।'

विधायक ने कहा कि 'यदि ऐसी बातें सामने आ रही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।' सपा विधायक के मुताबिक, प्रतीक यादव को अस्पताल ले जाने से पहले ही रास्ते में मौत हो चुकी थी।
क्या प्रतीक यादव को जहर दिया गया है?
उन्होंने डॉक्टरों के हवाले से कहा कि 'मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी। यही वजह है कि पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।' मेहरोत्रा ने यह भी कहा कि 'डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि संभवतः उन्हें जहर दिया गया हो सकता है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।'
'रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए'
उन्होंने कहा कि 'मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।' उनका कहना है कि 'यदि मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है तो हर पहलू की बारीकी से जांच जरूरी है।'

परिवार की ओर से अभी तक विस्तृत बयान सामने नहीं आया
प्रतीक यादव की मौत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं और मौत के कारणों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से अभी तक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
क्या कहा अखिलेश यादव ने ?
अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन पर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि "मैं उन्हें बचपन से देख रहा हूं, वह अब हमारे बीच नहीं रहे, यह बहुत दुख की बात है। बचपन से ही वह अपनी सेहत और शारीरिक तंदुरुस्ती को लेकर बहुत सजग रहते थे, और उनका सपना था कि वह जीवन में आगे बढ़ें और कोई सार्थक योगदान दें। ज़ाहिर है, हम कानून के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे-कानूनी प्रावधानों में जो भी निर्देश होंगे, और परिवार के सदस्य जो भी अनुरोध करेंगे, हम उसका पालन करेंगे। मैं उनसे लगभग दो महीने पहले मिला था। उस समय भी मैंने उन्हें अपनी सेहत का ध्यान रखने और अपने कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी। कभी-कभी कारोबार में होने वाले नुकसान से लोग गहरे मानसिक तनाव में आ जाते हैं। वह अब हमारे साथ नहीं हैं; हमारे लिए जो भी कानूनी रास्ते उपलब्ध होंगे, हम उनका सहारा लेंगे।'














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