Prateek Yadav Death Reason: 'अचानक बिगड़ी तबीयत और फिर मौत', क्या हुआ प्रतीक यादव के साथ?
Prateek Yadav Death Reason: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसके बाद सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक को आज सुबह करीब 6 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस वक्त प्रतीक को अस्पताल ले जाया गया उस वक्त उनकी पत्नी अपर्णा यादव साथ नहीं थीं।

प्रतीक की मौत की वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि घर पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि प्रतीक की मौत का कारण क्या है?
फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव?
ऐसी खबरें हैं कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे. इसके लिए उन्हें कुछ दिनों पहले मेदांता अस्ताल में भर्ती भी कराया गया था , उनके फेफड़ों में क्लॉट था।
पहले डॉक्टरों की टीम प्रतीक के घर पहुंचीं: डॉ. जीपी गुप्ता
सिविल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. जीपी गुप्ता ने प्रतीक की मौत की पुष्टि की और बताया कि आज सुबह करीब 5 बजे उन्हें जानकारी मिली कि उनकी तबीयत खराब है, जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम तुरंत उनके घर पहुंची।
सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को मृत घोषित कर दिया गया
डॉ. गुप्ता ने कहा, 'जब डॉक्टर वहां पहुंचे, तो उनकी हालत काफी गंभीर लग रही थी। उन्हें हॉस्पिटल लाया गया, और मेडिकल टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद, सुबह 5:55 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।'
पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगी मौत की वजह
डॉ. गुप्ता ने बताया कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। उनकी अचानक हुई मौत से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मालूम हो कि प्रतीक ने 2011 में अपर्णा बिष्ट (जो अब अपर्णा यादव के नाम से जानी जाती हैं) से शादी की थी और इस दंपति की दो बेटियां (प्रथमा और कात्यायनी) है।
पल्मोनरी एम्बोलिज़्म के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे प्रतीक यादव
मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने कहा कि 'हमें प्रतीक यादव के निधन की खबर से हम बहुत दुखी हैं। वह हमारे पुराने मरीज़ थे, मैं काफी समय से उनका इलाज कर रही थी, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें थीं। कुछ ही दिन पहले, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज़्म होने के बाद यहां भर्ती किया गया था, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का (blood clot) धमनियों में पहुंचकर वहीं फंस जाता है। उनके फेफड़ों में रुकावट के कारण, उनके दिल के काम करने पर बुरा असर पड़ा था। कुछ दिन पहले वह सांस लेने में दिक्कत और सांस से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायत लेकर यहां आए थे और उसी समय उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज़्म का पता चला था। पल्मोनरी एम्बोलिज़्म की स्थिति, अपने आप में ही, बहुत गंभीर होती है और इसमें काफी ज़्यादा खतरा होता है। वह पहले से ही खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे उन्हें अपनी मेडिकल दिक्कतों के बारे में पूरी जानकारी थी और वह अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएँ नियमित रूप से लेते थे।'














Click it and Unblock the Notifications