रात 11 बजे का वो मैसेज और खत्म हुआ करियर, बांग्लादेश के दिग्गज खिलाड़ी ने KKR मैनेजमेंट पर जड़े गंभीर आरोप
बांग्लादेश के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास ने आईपीएल में अपने कड़वे अनुभव को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेल चुके इस खिलाड़ी ने बताया कि कैसे महज एक मुकाबले और रात के वक्त आए एक मैसेज ने उनके पूरे आईपीएल करियर की दिशा बदल दी।
एक खास खेल पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान लिटन दास ने कोलकाता नाइट राइडर्स के टीम मैनेजमेंट के काम करने के तरीके और संवाद की कमी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब वह भारत पहुंचे, तो शुरुआती मैचों में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। इस दौरान टीम के किसी भी सदस्य या कोच ने उनसे यह बात नहीं की कि उन्हें कब मौका मिलेगा या उनके लिए क्या योजनाएं हैं। खिलाड़ी अक्सर ऐसी स्थिति में मानसिक रूप से असमंजस में रहता है।

रात को खेलने का मैसेज आया
उनकी परेशानी तब और बढ़ गई जब एक मुकाबले की पूर्व संध्या पर जब वह सोने की तैयारी कर रहे थे, अचानक रात के ग्यारह बजे उनके फोन पर एक संदेश आया। इस मैसेज में उन्हें बताया गया कि वह अगले दिन होने वाले मैच में खेलने जा रहे हैं। लिटन दास का मानना है कि इतनी देर से मिली सूचना के कारण उन्हें खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से मैच के लिए तैयार करने का बिल्कुल समय नहीं मिला।
अपने इस छोटे सफर पर बात करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें पूरी प्रक्रिया के दौरान ऐसा महसूस कराया गया जैसे कोलकाता की टीम को वास्तव में उनकी कोई जरूरत ही नहीं थी। उन्हें टीम प्रबंधन की तरफ से वह भरोसा और समर्थन नहीं मिला, जिसकी उम्मीद कोई भी विदेशी खिलाड़ी इतने बड़े मंच पर करता है।
एक मैच में ही करियर खत्म
अगर उस मुकाबले की बात करें, तो दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिला वह मौका लिटन दास के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। जेसन रॉय के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे लिटन सिर्फ चार गेंदे खेल सके और महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। बल्लेबाजी के अलावा विकेटों के पीछे भी उनका दिन बेहद खराब रहा, जहां उन्होंने स्टंपिंग के दो बेहद आसान और महत्वपूर्ण मौके गंवा दिए। अंत में कोलकाता की टीम को उस मैच में चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
फिर कभी नहीं मिला मौका
इसके बाद लिटन दास को दोबारा कभी खेलने का मौका नहीं दिया गया। कुछ समय बाद उनके परिवार में एक आपातकालीन चिकित्सा स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते उन्हें बीच में ही टूर्नामेंट छोड़कर बांग्लादेश वापस लौटना पड़ा। इसके बाद केकेआर ने उनके विकल्प के रूप में जॉनसन चार्ल्स को अपनी टीम में शामिल कर लिया। इस तरह एक बड़े खिलाड़ी का आईपीएल का सफर शुरू होने से पहले ही बेहद दर्दनाक मोड़ पर खत्म हो गया।












Click it and Unblock the Notifications