Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जैकब बाबू वर्षों तक विदेशों में रहे, भारत लौटे तो लगाए नींबू के पौधे, अब लाखों की कमाई

तिरुवनंतपुरम। गर्मियों के इन दिनों नींबू का भाव बहुत बढ़ गया है। हर कहीं जुबां पर "नींबू-नींबू" हो रहा है। एक तो अब मौसम ऐसा है कि गर्मी से हाय-तौबा मची हुई है, उूपर से नींबू भी इतना महंगा होते जा रहा है कि हर कोई नहीं खरीद पा रहा। देश में कहीं-कहीं तो इसके दाम 400 रुपए प्रति किलो से भी ज्यादा हो गए हैं, यानी कि माल्टा-संतरे से भी ज्यादा वैल्यू इसकी हो गई है। ऐसे में जो लोग नींबू की खेती करते हैं या इसके उत्पादन से जुड़े हुए हैं, उन्हें दिक्कत नहीं है। साथ ही उत्पादकों से जो व्यापारी नींबू सस्ते में खरीदकर बेच रहे हैं, उन्हें तगड़ा मुनाफा हो रहा है।

  • यहां हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने नींबू के सैकड़ों झाड़ लगा रखे हैं। जिनसे उन्हें हजारों किलो नींबू की पैदावार हो रही है और लाखों का मुनाफा भी पा रहे हैं। यह शख्स हैं- केरल के "बाबू जैकब"।

बरसों तक विदेश में रहे, स्वदेश लौटे तो आया ख्याल

बरसों तक विदेश में रहे, स्वदेश लौटे तो आया ख्याल

जैकब बरसों तक विदेश में रहे। फिर जब स्वदेश लौटे तो उन्होंने नींबू की बढ़ती मांग पर गौर किया। इसलिए, उन्होंने अपने प्लॉट पर ही नींबू के पौधे रोप लिए। अपने पुश्तैनी घर से वे 14 पौधे लेकर चले थे, जो बढ़कर व्यापक खेती का उदाहरण बन गए। आज जैकब के पास 250 से ज्यादा नींबू के झाड़ हैं। वह बताते हैं कि, शुरू के 4 वर्षों के भीतर 1000 किलो नींबू उगे। 1 किलो नीबू ₹100 तक बिका। फिर जैसे-जैसे गर्मी में मांग बढ़ी, उन्होंने उत्पादन भी बढ़ा दिया।

Recommended Video

    Lemon Price: शादी में दुल्हे को गिफ्ट में मिला नींबू का डिब्बा, Photo Viral | वनइंडिया हिंदी
    यूं बन गई

    यूं बन गई "लेमन मैन" की इमेज

    जैकब ने Lemon Meadows नाम से नींबू की नर्सरी भी शुरू कर दी। वहीं, नींबू से जुड़े प्रॉडक्ट भी सप्लाई कराने लगे। वह बताते हैं कि, नींबू ने उन्हें बड़ी पहचान दिला दी। कई साल से उनके नींबू इंटरनेट पर भी छाए हुए हैं। नींबू के साथ उनकी खूब तस्वीरें वायरल हुईं, जिससे उनकी इमेज "लेमन मैन" सी बन गई। वह कहते हैं कि, लोगों को नींबू कड़वा लगता है और रूखा नहीं खाया जाता। मगर, इसके फायदे और रसोई में इसकी मांग कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। गर्मी से बचाव के ज्यादातर प्रॉडक्ट्स लेमन-मेड होते हैं।

    नुकसान की संभावना कम रहती है

    नुकसान की संभावना कम रहती है

    नींबू फल-सब्जी दोनों में गिना जाता है। इसके स्वाद की वजह से इसे बंदर और अन्य जीव-जंतु भी नहीं खाते। वहीं, चूहा-चमगादड़ आदि से भी सुरक्षित रहता है। इसलिए, जो लोग इसकी खेती करते हैं, उन्हें नुकसान कम ही होता है। हां, यह जरूरी है कि नींबू के झाड़ पर नींबू की पैदावार अच्छी हो, वरना नींबू ठीक से लगे नहीं तो नुकसान होगा।

    नींबू की ‘खटास' बढ़ी: गर्मियों में टूटेगा रिकॉर्ड ?

    भारत में इसकी ज्यादातर पैदावार गुजरात, आंध्र और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होती है। जबकि, केरल में जैकब और उनकी देखा-देखी नींबू की खेती शुरू करने वाले किसानों का नाम लिया जा सकता है। अकेले केरल में सालभर में नींबू पैदावार लगभग 1 लाख टन होती है।

    जहां नींबू की खेती नहीं, वहां है महंगा

    जहां नींबू की खेती नहीं, वहां है महंगा

    इन दिनों नींबू देश के कई हिस्सों में इतना महंगा हो गया है कि, आमजन उसे नहीं खरीद पा रहे। बहुत सी गृहणियां परेशान हैं, क्योंकि नींबू के अभाव में रसोई प्रभावित हुई है। वहीं, कुछ सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि, इस बार गर्मियों में नींबू पहले जितने भाव में नहीं मिलेगा, बल्कि महंगा रहेगा।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+