Laura Loomer India Visit: Trump की खास दोस्त, भारत को गाली देने वाली लौरा लूमर कौन, क्यों आईं दिल्ली?
Laura Loomer India Visit: अमेरिकी राजनीति की सबसे विवादित आवाजों में से एक, लौरा लूमर (Laura Loomer), इन दिनों भारत की राजधानी दिल्ली में हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और सुदूर-दक्षिणपंथी (Far-right) एक्टिविस्ट लूमर का यह दौरा विवादों के साये में है। विरोध की मुख्य वजह उनके वे पुराने बयान हैं, जिनमें उन्होंने भारतीयों को "थर्ड-वर्ल्ड इन्वेडर्स" कहा था और कमला हैरिस के बहाने भारतीय संस्कृति पर नस्लभेदी टिप्पणियां की थीं।
हालांकि, दिल्ली पहुंचकर वे भारत की तारीफों के पुल बांध रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग उनके पुराने रुख को लेकर सवाल उठा रहे हैं। क्या यह केवल 'डैमेज कंट्रोल' है या लूमर का भारत के प्रति नजरिया बदल गया है?

Who is Laura Loomer: कौन हैं लौरा लूमर?
लौरा लूमर (Laura Loomer) अमेरिका की एक बेहद चर्चित और विवादित सुदूर-दक्षिणपंथी (Far-right) राजनीतिक कार्यकर्ता और कमेंटेटर हैं। 1993 में जन्मीं लौरा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक मानी जाती हैं। उन्होंने अपनी पहचान 'प्रोजेक्ट वेरिटास' जैसे संगठनों के साथ जुड़कर एक आक्रामक 'अंडरकवर' रिपोर्टर के रूप में बनाई। वे अक्सर अपने इस्लाम-विरोधी बयानों, प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख और H-1B वीज़ा के विरोध के कारण सुर्खियों में रहती हैं। नस्लभेदी टिप्पणियों के चलते उन्हें कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बैन भी किया जा चुका है।
Laura Loomer Controversy: नस्लभेदी टिप्पणियों का इतिहास
लौरा लूमर का भारत विरोध कोई नया नहीं है। उन्होंने पूर्व में भारतीय प्रवासियों और H-1B वीज़ा धारकों के खिलाफ बेहद कड़वी भाषा का इस्तेमाल किया है। उनके "व्हाइट हाउस से करी की खुशबू आएगी" वाले बयान ने वैश्विक स्तर पर भारतीयों को आहत किया था। हालांकि 2025 में उनके कई सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए गए, लेकिन इंटरनेट पर मौजूद उनके स्क्रीनशॉट्स आज भी उनके भारत-विरोधी चेहरे की गवाही दे रहे हैं, जिससे दिल्ली दौरे पर हंगामा बरपा है।
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aura Loomer Racist Tweets: H-1B वीज़ा पर कड़ा प्रहार
अमेरिकी नौकरियों के संरक्षण के नाम पर लूमर हमेशा से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के खिलाफ रही हैं। वे H-1B वीज़ा कार्यक्रम को बंद करने की पुरजोर वकालत करती हैं, जिसे वे अमेरिकियों के हक पर डाका मानती हैं। भारत दौरे के दौरान तकनीकी जगत और युवाओं के बीच यह चर्चा का विषय है कि जो महिला भारतीय प्रतिभाओं को 'घुसपैठिया' मानती है, वह आज भारत की धरती पर किस उद्देश्य से आई है।
'प्रोजेक्ट वेरिटास' से 'ट्रंप' तक का सफर
1993 में जन्मीं लौरा लूमर ने फ्लोरिडा से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म की पढ़ाई की और 'प्रोजेक्ट वेरिटास' जैसे दक्षिणपंथी संगठनों के साथ जुड़कर सुर्खियां बटोरीं। वे अपने अंडरकवर ऑपरेशंस और आक्रामक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। आज वे डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सर्कल का हिस्सा मानी जाती हैं। विवादों के कारण कई बार सोशल मीडिया से बैन होने के बावजूद, ट्रंप के साथ उनकी निकटता उन्हें अमेरिकी राजनीति में एक प्रभावशाली और ध्रुवीकरण करने वाला चेहरा बनाती है।
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सोशल मीडिया बैन और एलन मस्क का साथ
लौरा लूमर की पहचान एक ऐसी एक्टिविस्ट के रूप में है जिसे लगभग हर बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म ने प्रतिबंधित किया था। 2018 में नफरती भाषणों के चलते उन्हें X (ट्विटर) से बाहर कर दिया गया था। लेकिन एलन मस्क द्वारा प्लेटफॉर्म खरीदे जाने के बाद उनकी वापसी हुई। अब वे उसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भारत दौरे की तस्वीरें साझा करने के लिए कर रही हैं, जिसे भारतीय यूजर्स उनके पुराने बयानों को याद दिलाकर 'आईना' दिखा रहे हैं।
दिल्ली में 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश?
दिल्ली पहुंचते ही लौरा लूमर के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने बंदरों के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं और भारत को अद्भुत बताया। जानकारों का मानना है कि यह उनके पुराने नस्लभेदी दागों को धोने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है। हालांकि, भारतीय प्रदर्शनकारी और नेटिजन्स उनके इस हृदय परिवर्तन पर यकीन नहीं कर रहे हैं।












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