नांदेड़ पर पूरा फोकस कर रहे सीएम केसीआर, पार्टी के नेता गांव-गांव में बहा रहे पसीना
कंदर लोहा में जनसभा के दौरान, राष्ट्रवादी कांग्रेस किसान संघ के नेता और पूर्व विधायक शंकर अन्ना घोंडगे के पार्टी में शामिल होने का फैसला करने से पार्टी को काफी बल मिला है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव केवल मराठवाड़ा में नांदेड़ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसे 'महाराष्ट्र का तेलंगाना' कहा जाता है। मुख्यमंत्री केसीआर चाहते हैं कि उनकी जिन योजनाओं ने तेलंगाना को लाभ पहुंचाया है, उन योजनाओं के बारे में इस क्षेत्र के लोगों को बताया जाए।
कंदर लोहा में डेरा डाले हुए बीआरएस नेता गांवों और कस्बों में लोगों को यह समझाने में पसीना बहा रहे हैं कि मराठवाड़ा के समान तेलंगाना में जिले कैसे बदल गए। वो ये भी बता रहे हैं कि अलग राज्य बनने के बाद तेलंगाना कैसे समृद्ध हुआ। बीआरएस नेता सीएम केसीआर के दिए नारे 'अबकी बार किसान सरकार' को भी जोरशोर से उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि कंदर लोहा में 26 मार्च को बीआरएस की दूसरी जनसभा होने जा रही है। जनसभा के लिए प्रचार कर रहे नेताओं ने बताया कि मराठवाड़ा में रहने वाले लोग महसूस करते हैं कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में उनकी उपेक्षा की गई है।
आपको बता दें कि बीआरएस ने घोषणा की है कि वह महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेगी और इस क्षेत्र से अच्छे परिणाम की उम्मीद है। कंदर लोहा में जनसभा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस किसान संघ के नेता और पूर्व विधायक शंकर अन्ना घोंडगे के पार्टी में शामिल होने का फैसला करने से पार्टी को काफी बल मिला है।
घोंडगे ने कहा कि मराठवाड़ा और तेलंगाना के बीच समानता थी, लेकिन अब तेलंगाना हरियाली के साथ फल-फूल रहा है। बहुत विकास हुआ है, अगर यह आठ साल में तेलंगाना में हो सकता है तो मराठवाड़ा में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक पूंजी होने के बावजूद यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि इस पूर्व विधायक को बीआरएस महाराष्ट्र प्रमुख बनाए जाने की संभावना है।












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