मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा, अर्थव्यवस्था बचाने को जनता की जेब में डालना होगा पैसा
रायपुर। हमारा देश और प्रदेश कृषि प्रधान है। ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। व्यापार और उद्योग की अर्थव्यवस्था भी कहीं न कहीं किसानों से जुड़ी होती है। मुख्यमंत्री भूपेश्ा बघेल ने कहा कि उद्योग का पहिया तब घूमेगा जब व्यापारी उनसे सामान खरीदेंगे और व्यापारी का सामान तब बिकेगा जब जनता की जेब में पैसा होगा। अर्थव्यवस्था बचाने के लिए जनता की जेब में पैसा डालना होगा।

राजधानी रायपुर के एक होटल में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में बघेल ने कहा कि देश में अनाज की कमी को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने चुनौती के तौर पर लिया और देश के किसानों से आह्वान किया कि हमें अनाज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। इसके बाद ही देश में हरित क्रांति आई। यह वही दौर था जब 1967 में एमएसपी घोषित हुआ।
बघेल ने कहा कि हमने सरकार बनने के बाद राज्य में धान, कोदो, कुटकी, गन्ना, मक्का सबके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ उचित कीमत देना शुरू किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों का हित करना चाहते हैं लेकिन किसानों के नाम से किसी को बेजा फायदा उठाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही डीएपी की कमी पर मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों व ग्रामीणों से गोबर से वर्मी कंपोस्ट अधिक-से-अधिक बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी प्रकार की चर्चा में शामिल होना चाहिए। लोगों को सुनना चाहिए। असहमति के बावजूद भी उनका सम्मान करना चाहिए। जब सब साथ बैठेंगे तभी किसी समस्या का समाधान निकलेगा।
देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत दे रहे हैं: चौबे
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा कीमत पर धान खरीदी हम कर रहे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों और गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी राहत देने के लिए सरकार नई योजना लेकर आ रही है। चौबे ने कहा कि कृषि मंत्री होने के नाते मैं आज अपना सौभाग्य समझता हूं कि आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ माडल की चर्चा हो रही है।
टिकैत ने की राज्य सरकार की सराहना
कार्यक्रम को पूर्व कृषि बृजमोहन अग्रवाल, किसान नेता शिवकुमार शर्मा, राकेश टिकैत और उद्योगपति कमल सारडा ने भी संबोधित किया। शर्मा व टिकैत ने मुख्यमंत्री बघेल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों से जुडे इस तरह के आयोजन में मुख्यमंत्री का आना यह बताता है कि उनके मन में किसानों के लिए कितनी पीड़ा और आत्मीय भाव है। टिकैत ने कहा कि बघेल पहले मुख्यमंत्री हैं जो किसानों की समस्या पर उनके साथ बैठकर बात कर रहे हैं।












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