महाराष्ट्र में तेलंगाना मॉडल लागू करेगा BRS, 22 सितंबर के बाद होगी अहम बैठक
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में भी चुनाव होने वाले हैं। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) महाराष्ट्र में अपनी जमीन तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुट गया है। इसको लेकर 22 सितंबर के बाद राज्य संचालन समिति की बैठक होगी। इस बैठक में कई फैसले लिए जा सकते हैं। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई है कि बीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव संसद के चल रहे विशेष सत्र के बाद चीफ पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
बीआरएस महाराष्ट्र में तेलंगाना मॉडल पर जोर दे रहा है। पार्टी चाहती है जो किसानों को जो सुविधाएं तेलंगाना में मिल रही हैं, वहीं सुविधाएं महाराष्ट्र में भी मिले। क्योंकि महाराष्ट्र के किसान पहले से ही संकट में हैं। बीआरएस ने कहा कि तेलंगाना सरकार किसान हितैषी है। पार्टी किसानों के लिए हमेशा खड़ी रहती है।

ऐसा ही मॉडल महाराष्ट्र में लागू करने का प्रयास चल रहा है। लेकिन महाराष्ट्र में बीआरएस को अपनी जमीन तैयार आसान नहीं है। बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी शासित महाराष्ट्र सरकार, बीआरएस को बढ़ने से रोकने की पूरी ताकत लगाएगी।
वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शंकर अन्ना धोंडगे ने कहा कि एक तरह से यह राज्य में बीआरएस बनाम बाकी राजनीतिक दलों होगा। बीआरएस लगातार महाराष्ट्र सरकार पर रायथु बंधु, रायथु भीमा और सिंचाई स्रोतों को बढ़ाने के लिए दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही सरकार पर मुफ्त बिजली को लेकर भी दबाव बनेगा। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार इस समय किसानों को कोई रियायत देने के मूड में नहीं है।
हाल ही में किसान समुदाय के साथ-साथ मराठा समुदाय भी महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। बीआरएस को इसका फायदा उठाने की कोशिश करेगा। बीआरएस अगर तेलंगाना में चुनाव जीतता है तो इसका फायदा उन्हें महाराष्ट्र में पूरा मिलेगा। महाराष्ट्र में तेलंगाना मॉडल को लागू करने में पूरी मदद मिलेगी।
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