Shardiya Navratri 2025 Fasting Rules: क्या गर्भवती महिलाएं रख सकती हैं व्रत? जानें नियम
Shardiya Navratri 2025 Fasting Rules: शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरूआत आज से हो गई है, इस बार का नवरात्र पूरे 10 दिन का है। सुबह से मंदिर में मां शेरावाली के जयकारे गूंज रहे हैं। बहुत सारे लोगों ने व्रत रखा है। जो लोग नौ दिन का व्रत नहीं कर पाते हैं, वो पहले और अंतिम दिन उपवास रखते हैं। माना जाता है कि इन नौ दिनों में जो कोई भी सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है उसे हर तरह के सुख की प्राप्ति होती हैं।
हालांकि मां की नवरात्रि की पूजा में फलाहार किया जा सकता है लेकिन क्या गर्भवती महिलाएं ये उपवास कर सकती हैं क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिला के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य भी जुड़ा होता है, इसलिए व्रत रखते समय कुछ सावधानियां और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

अगर गर्भवती महिलाएं नवरात्रि के व्रत के बारे में सोच रही हैं तो पहले वो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और अगर वो इजाजत दें तभी वो व्रत रखें।
गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत रखने के नियम (Shardiya Navratri 2025 Fasting Rules)
डॉक्टर की सलाह लें: गर्भावस्था में किसी भी प्रकार का व्रत रखने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत आवश्यक है। हर महिला का शरीर और गर्भावस्था की स्थिति अलग होती है।
लंबे समय तक भूखे न रहें: गर्भ में पल रहे शिशु को लगातार पोषण की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से कमजोरी, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन या लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं इसलिए अगर प्रेग्नेंट महिलाएं व्रत रख भी रही हैं तो लंबे वक्त तक भूखा ना रहें।
हल्का और पौष्टिक आहार लें: व्रत में फल, दूध, दही, नारियल पानी, सूखे मेवे, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, मखाने आदि का सेवन करें। इससे ऊर्जा बनी रहती है और शिशु को भी पोषण मिलता है।
पानी की कमी न होने दें: गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे जरूरी है। निर्जला व्रत गर्भवती महिला को नुकसान पहुंचा सकता है।
थकान से बचें: व्रत के दौरान ज्यादा शारीरिक परिश्रम करने से बचना चाहिए। आराम करना और मानसिक शांति बनाए रखना गर्भवती महिला के लिए जरूरी है।
किन स्थितियों में गर्भवती महिला को व्रत नहीं रखना चाहिए? (Shardiya Navratri 2025 Fasting Rules)
अगर गर्भवती महिलाओं को बार-बार उल्टी, चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही हो, उनको ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या हो और डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी हो तो ऐसी स्थिति में उपवास करने से बचना चाहिए।
तली-भूनी चीजों से परहेज करें गर्भवती महिलाएं
एक बात और वो ये कि व्रत में काफी तली-भूनी चीजें बनती हैं इसलिए अगर प्रेग्नेंट महिलाएं उपवास की इच्छा रखती हैं तो उन्हें तैलीय भोज्य की जगह पौष्टिक भोजन पर ध्यान दोना चाहिए जो उन्हें एनर्जी और ताकत दोनों देगा।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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