Laxmi Pnachami Vrat 2025: आज है लक्ष्मी पंचमी व्रत, ऐसे करेंगे पूजा तो धन से भर जाएंगे भंडार
Laxmi Pnachami Vrat 2025: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन लक्ष्मी पंचमी व्रत या श्री पंचमी व्रत किया जाता है। जैसा कि नाम से ही व्यक्त है, लक्ष्मी पंचमी के दिन व्रत रखकर देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। देवी के मंत्रों का जाप किया जाता है जो धन से जुड़े सारे संकट समाप्त कर देते हैं और धन के भंडार भर जाते हैं। लक्ष्मी पंचमी व्रत इस बार 2 अप्रैल 2025 बुधवार के दिन किया जाएगा।
यह व्रत घर के स्त्री-पुरुष को समान रूप से करना चाहिए। विवाहित जोड़े यदि साथ में व्रत करें तो उनका परिवार सदैव आनंद में जीवन व्यतीत करता है।

चैत्र शुक्ल पंचमी के दिन प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर अपने घर के पूजा स्थान में लकड़ी की चौकी स्थापित करें। इस पर लाल रेशमी कपड़ा बिछाकर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
मखाने की खीर का नैवेद्य लगाएं (Laxmi Pnachami Vrat 2025)
चौकी पर चावल की ढेरी लगाकर उस पर मिट्टी का कलश स्थापित करें। कलश में पूजा की सुपारी, अक्षत, पैसा भरें। कलश का पूजन करें और इस पर नारियल स्थापित करें।
कलश पर कमल गट्टे की माला अर्पित करें। लक्ष्मी माता का पूजन विविध द्रव्यों से करें। मखाने की खीर का नैवेद्य लगाएं। कर्पूर से आरती करें।लक्ष्मी माता को लाल कमल या गुलाब के पुष्प अवश्य अर्पित करें। पूरे दिन व्रत रखें।
लक्ष्मी माता के समक्ष एक घी का और एक तेल का दीपक लगाएं
सायंकाल पुन: उसी स्थान पर बैठकर लक्ष्मी माता के समक्ष एक घी का और एक तेल का दीपक लगाएं और श्रीसूक्त के 11 पाठ करें।
लक्ष्मी पंचमी व्रत के लाभ (Laxmi Pnachami Vrat 2025)
- इस व्रत के प्रभाव से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है और धन-सम्मान, सुख, संपत्ति प्रदान करती है।
- पूजा करने वाले मनुष्य को यश, सम्मान, प्रतिष्ठा और ख्याति प्राप्त होती है।
- प्रत्येक कार्य में विजय और जीत प्राप्त होती है।
- अटका हुआ पैसा लौटने लगता है। उधार दिया हुआ पैसा आने लगता है।
- धन प्राप्ति में कहीं बाधा होती है तो वह दूर होने लगती है।
- उत्तम संतान सुख की प्राप्ति होने लगती है।












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