Chaitra Navratri 2025: कुंजिका स्तोत्र का करें पाठ, सारी परेशानियों का हो जाएगा अंत
Chaitra Navratri 2025: आज चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिन है, इस नवरात्रि में लोग अपनी आस्था और श्रद्धा के अनुसार देवी को प्रसन्न करने के अनेक उपाय करते हैं। कोई व्रत रखता है, कोई नित्य देवी के मंत्रों का जाप करता है, कोई दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करता है, तो कोई साधनाएं करता है।
लेकिन देवी का एक ऐसा सिद्ध स्तोत्र है जिसका नियमित रूप से पाठ करने से न केवल आपके सारे संकटों का नाश होता है, बल्कि धन-धान्य, संपत्ति सुख प्राप्त होता है और समस्त रोगों का नाश होता है। यह स्तोत्र है सिद्ध कुंजिका स्तोत्र।

महत्व (Chaitra Navratri 2025)
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के महत्व के बारे में स्वयं भगवान शिव करते हैं- कवच, अर्गला, कीलक, रहस्य, सूक्त, ध्यान, न्यास यहां तक कि अर्चन भी आवश्यक नहीं है। केवल कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से संपूर्ण दुर्गा सप्तशती के पाठ का फल प्राप्त हो जाता है। यह कुंजिका स्तोत्र अत्यंत गुप्त और देवों के लिए भी दुर्लभ है।
कुंजिका स्तोत्र का लाभ ( Kunjika Stotra)
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से देवी शीघ्र प्रसन्न होती है और साधन को मनोवांछित फल प्रदान करता है।
- कुंजिका स्तोत्र के पाठ से मारण, मोहन, वशीकरण, स्तंभन और उच्चाटन आदि उद्देश्यों को सिद्ध करता है।
- भयंकर से भयंकर रोग भी कुंजिका स्तोत्र के नियमित पाठ से दूर हो जाता है।
- इस स्तोत्र में स्वयं देवी दुर्गा समाई है, इसलिए इसका पाठ करने से मनुष्य देवी का प्रिय बन जाता है।
- शत्रु नाश करने में इस स्तोत्र का कोई सानी नहीं। बेवजह परेशान करने वाले शत्रु इस पाठ से दूर हो जाता है।
क्या नियम मानें ( Chaitra Navratri 2025)
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करते समय तन और मन की पवित्रता होना आवश्यक है।
- प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर लाल कंबल का आसन बिछाकर देवी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर पाठ करें।
- देवी को लाल पुष्प अर्पित करें।
- देवी के सामने कपूर के तेल का सुवासित दीपक प्रज्जवलित करें। सुगंधित धूप लगाएं।
- देवी को मिष्ठान्न और फलों का नैवेद्य लगाएं।












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