ममता को हमेशा खराब दिखाना चाहती है कांग्रेस-सीपीएम, बोले टीएमसी के अभिषेक बनर्जी
विपक्षी एकता को बंगाल में किस तरह से अंजाम दिया जा सकेगा, यह सवाल काफी गंभीर हो चुका है। टीएमसी ने कांग्रेस-लेफ्ट पर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को खराब दिखाने का आरोप लगाया है।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच कांग्रेस और सीपीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि ये दोनों पार्टियां हमेशा इसी बात में लगी रहती हैं कि कैसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को बदनाम किया जाए या उन्हें खराब दिखाया जाए।

टीएमसी के निशाने पर कांग्रेस-सीपीएम
शनिवार देर शाम राज्य के मुर्शिदाबाद जिले के रानीनगर में एक जनसभा में टीएमसी सुप्रीम के भतीजे ने कहा कि यह दोनों ही पार्टियां बीजेपी के खिलाफ 'एक शब्द भी नहीं बोलतीं', जबकि यह पश्चिम बंगाल की जनता के साथ 'भेदभाव' करती है।

केंद्र पर आरोप लगाकर विपक्षी दलों को घेरा
अभिषेक बनर्जी बोले, 'अधीर रंजन चौधरी समेत कांग्रेस के किसी भी नेता ने पश्चिम बंगाल के लोगों को 100 दिन के कार्य के बदले महीनों से पैसे का भुगतान नहीं होने पर, एक चिट्ठी तक नहीं लिखी। इसलिए मूर्शिदाबाद की धरती से मैं बहरामपुर के सांसद चौधरी से पूछता हूं कि क्या उन्होंने कभी भी केंद्र के सामने यह मुद्दा उठाया है। क्या किसी सीपीएम नेता ने भी इसके बारे में बोला है? '

केंद्र पर गरीबों का 7,000 करोड़ रुपया अटकाने का आरोप
बनर्जी पिछले 25 अप्रैल से राज्यव्यापी जन-संपर्क अभियान पर निकले हुए हैं। उनका आरोप है, 'केंद्र की बीजेपी सरकार ने 100 दिनों के कार्य वाले प्रोजेक्ट का राज्य का 7,000 करोड़ रुपये का बकाया रोक रखा है, जिससे 11.33 लाख गरीबों को उनके हक से वंचित किया गया है।'

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'कांग्रेस-सीपीएम सिर्फ हमारी मुख्यमंत्री और पार्टी को बदनाम करेंगे'
वो बोले कि 'लेकिन, सीपीएम और कांग्रेस कभी भी इसके लिए केंद्र सरकार की आलोचना नहीं करेंगे। वे सिर्फ हमारी मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी को बदनाम करेंगे। सिर्फ टीएमसी ही लोगों की समस्याओं पर बात करती है। हम केंद्र सरकार को फंड रिलीज करने का दबाव बनाने के लिए दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे।'
बीजेपी सांसदों को भी घेरने की कोशिश
उन्होंने दावा किया किया की 2014 से 2019 के बीच नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों को उनके बकाए से 'वंचित' नहीं कर पाई, क्योंकि तब लोकसभा में टीएमसी के 34 सांसद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में बीजेपी के राज्य से 19 सांसद चुने भी गए, लेकिन फिर भी उसने गरीबों की ओर ध्यान नहीं दिया।

कांग्रेस ने किया पलटवार
टीएमसी नेता के इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर चौधरी ने कहा, 'अभिषेक समेत टीएमसी के नेता कितनी बार संसद में अलोकतांत्रिक केंद्र सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई में विपक्षी कैंप में शामिल हुए? पश्चिम बंगाल के हित के लिए कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी में हमेशा आवाज उठाई है।'
सवाल है कि जब विपक्ष के अपने मतभेद इतने गहरे हैं, वैसे में बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने की कोशिशें कहां तक परवान चढ़ सकेंगी, यह बहुत ही गंभीर सवाल है। क्योंकि, मोदी-विरोधी विचारधारा में यह विरोधाभास सिर्फ बंगाल की कहानी नहीं है, बाकी कई राज्यों में भी स्थिति इससे बहुत अलग नहीं है। (इनपुट-पीटीआई)












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