Bengal Violence: 'बंगाल पुलिल पर भरोसा नहीं, चाहिए स्थायी BSF कैंप', मुर्शिदाबाद की महिलाओं की अपील
Bengal Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ बिल के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद से ही प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले के कई हिस्सों में पैरामिलिटरी के जवानों तैनात है। पैरामिलिटरी के जवान सड़कों पर गश्त कर रहे थे।
वहीं स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। वहीं मुर्शिदाबाद की महिलाएं इलाके में स्थायी BSF कैंप की मांग कर रही हैं।

'स्थानीय लोग कह रहे हैं कि हमलावर तो यहीं के थे'
इस हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि, मुर्शिदाबाद की महिलाएं इलाके में स्थायी BSF कैंप की मांग कर रही हैं। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी बार-बार कह रही हैं कि हिंसा बाहरी लोगों ने भड़काई, लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि हमलावर तो यहीं के थे।
'केंद्रीय बल हटेंगे तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं'
उन्होंने आगे बताया कि, एक हिंदू शिक्षक का घर उसके ही छात्रों ने तोड़ दिया। स्थिति अब भी तनावपूर्ण है। जो थोड़ी बहुत शांति है, वो सिर्फ केंद्रीय बलों की मौजूदगी की वजह से है। जैसे ही केंद्रीय बल हटेंगे, हालात फिर बिगड़ सकते हैं। बंगाल से हिंदुओं का पलायन हो रहा है। ममता बनर्जी और वामपंथियों ने हिंदुओं को लगातार धोखा दिया, और इस बीच इस्लामी कट्टरता बढ़ती रही।'
NCW की सदस्यों ने पीड़ित महिलाओं से की मुलाकात
वहीं शनिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद NCW की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा, 'कुछ महिलाओं ने अपने पति को खोया, कुछ ने अपने बेटे को। लोगों को घरों से घसीट कर बाहर निकाला गया और बेरहमी से कत्ल किया गया। यह बेहद भयावह है।'
'मुझे नहीं पता कि पश्चिम बंगाल में पहले कभी इस तरह की घटनाएँ हुई हैं या नहीं। हमने यह सब पहली बार देखा है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। सरकार को इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।'
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बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं- BJP
वहीं पीड़ितों से मुलाकात के बाद बीजेपी विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने ममता बनर्जी पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ममता बनर्जी राज्य की गृह मंत्री हैं और पूरी तरह से विफल रही हैं।
'स्थानीय लोग खुद स्थायी BSF कैंप और CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्हें अब कानून-व्यवस्था पर कोई भरोसा नहीं है। बच्चे तक स्कूल जाने से डर रहे हैं। कुछ आतंकी समूह हैं जिन्हें ममता बनर्जी की सरकार की शरण मिली हुई है। उसने मौके का फायदा उठाकर आम लोगों पर हमला किया है।'
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