Bengaluru Weather: तपती गर्मी से लोगों को मिली राहत, बेंगलुरु में तूफानी हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश
Bengaluru Weather: चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान बेंगलुरुवासियों को गुरुवार शाम आखिरकार राहत मिल गई। शहर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शाम को आसमान में घने बादल छा गए और अलग-अलग इलाकों में तूफानी हवाओं के संग तेज बारिश हुई। स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया पर लगातार लाइव अपडेट, तस्वीरें और वीडियो साझा किए।
गुरुवार को शाम करीब 6 बजे से 6:15 बजे के बीच व्हाइटफील्ड, राजाजीनगर, चामराजपेट, राममूर्तिनगर, मल्लेश्वरम, कोथनूर और वर्थुर समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। गरज-चमक वाले बादल धीरे-धीरे पूरे शहर में आगे बढ़ते दिखाई दिए।

राजाजीनगर में भारी बारिश हुई वहीं चामराजपेट से मध्यम बारिश हुई। व्हाइटफील्ड और ईपीआईपी ज़ोन के लोगों ने भारी बारिश के वीडियो साझा किए, जबकि वर्थुर में करीब 20 से 25 मिनट तक लगातार मध्यम बारिश होती रही। मल्लेश्वरम और बसवनगुडी में लगातार बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि कोथनूर में हल्की बारिश जारी रही। राममूर्तिनगर के निवासियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बारिश की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। जिसमें तेज हवाओं में सड़क पर जगह-जगह पेड़ गिरे नजर आए।
शहर के इन इलाकों में लोग बारिश करते रहे इंतजार
हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में मौसम पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ। सिंगासंद्रा, मान्यटा और दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्वी बेंगलुरु के कई इलाकों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। कुछ निवासियों ने मजाकिया अंदाज में मैसेज शेयर किए।
'CAPE रिचार्जिंग' ने बढ़ाई बारिश की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों ने दिनभर "CAPE रिचार्जिंग" का जिक्र किया। CAPE यानी Convective Available Potential Energy, जो गरज-चमक वाले तूफानों के विकास में अहम भूमिका निभाती है। देर दोपहर तक मौसम ट्रैकर्स का मानना था कि हवाओं की दिशा और वातावरणीय स्थिति बेंगलुरु में तूफानी गतिविधियों के लिए अनुकूल होती जा रही है।
अरब सागर में सक्रिय सिस्टम से बढ़ सकती है बारिश
मौसम पर्यवेक्षकों के अनुसार, कर्नाटक तट से दूर दक्षिण-मध्य अरब सागर के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (UAC) अभी भी सक्रिय है। इसके अलावा केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, करावली और मलनाड क्षेत्रों में अंतर्देशीय अभिसरण भी देखा गया है।
मौसम विभाग और ट्रैकर्स का अनुमान है कि बेंगलुरु समेत दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कोडागु, मैसूरु, हासन और चिक्कमगलुरु जिलों में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है।
मानसून के संकेत भी हो रहे मजबूत
दक्षिण कनारा और मालाबार क्षेत्र में मानसून के अनुकूल परिस्थितियां धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं। अगले 10 दिनों के भीतर इन इलाकों में अधिक व्यापक और तेज बारिश देखने को मिल सकती है, जो दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता का संकेत हो सकता है।













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