Murshidabad Violence: 'कश्मीर की राह पर बंगाल, हिंदू पलायन को मजबूर', घटना को लेकर क्या बोले दूनवासी
Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पूरे देशभर में विरोध शुरू हो गया है। इसको लेकर लोगों में भारी गुस्सा है और इसके लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग उठने लगी है। देहरादून में लोगों की इस प्रकरण पर क्या राय है, वन इंडिया हिंदी ने बात की।
बंगाल में हिंसा को लेकर देहरादून में लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है। देहरादून के राजेश सिंघल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और इसे जघन्य अपराध बताया। राजेश का मानना है कि इस घटना के लिए ममता सरकार दोषी है। वहां हिंदूओं पर अत्याचार हो रहा है।

ground report on Murshidabad Violence
कहा कि लोग पलायन करने को मजबूर हैं, उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही तुरंत राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। राकेश कुमार ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि वक्फ बिल के जरिए गरीब और शोषित लोगों के लिए कानून लाया गया। लेकिन इसका विरोध कर रहे हैं। जो हाल बंगाल में है, उसे देखते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है।
Murshidabad Violence
संजीव ने कहा कि घटना घोर निंदनीय है। बंगाल कश्मीर की राह पर है। गोपाल किशन ने कहा कि ममता सरकार वोटों का समीरकण बना रही है और जमीनों को हथियाने की कोशिश है। उनका कहना है कि वक्फ कभी भी नहीं था, ये कांग्रेस सरकार का खेल है। उन्होंने बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। रमेश गुप्ता ने कहा कि बंगाल से हिंदूओं का पलायन हो रहा है। जो सही नहीं है। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की।
सतेंद्र का कहना है कि इस पूरे प्रकरण के लिए सीएम ही दोषी हैं, उन पर देशद्रोह का मुकदमा लगाना चाहिए। एसएन जोशी ने कहा कि वक्फ बोर्ड को केंद्र सरकार ने संसोधित किया जिसके बाद से हिंदूओं पर अत्याचार हो रहा है, हत्याएं की जा रही हैं। विनोद कुमार का कहना है कि पूरी घटना सोची समझी साजिश के तहत हो रहा है। बंगाल को कश्मीर बनाने की कोशिश है। पूरी घटना दोहराई जा रही है।












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