Uttarkashi Cloudburst: धराली त्रासदी में कितनी हुई तबाही? इन 5 सवालों के जवाब मिलने के बाद ही होगी तस्वीर साफ
Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी के धराली गांव में अचानक बादल फटने की वजह से भारी तबाही मच गई है। इस हादसे में अब तक 5 शव बरामद किए गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। लगातार बारिश की वजह से रेस्क्यू करने में काफी दिक्कत आ रही है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। गांव में130 लोगों के फंसे होने की आशंका है। सेना, NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें लगातार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। इस हादसे में कितना नुकसान हुआ है, इसका अभी सिर्फ अनुमान ही लगाया जा रहा है।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे धराली गांव के ऊपर अचानक बादल फटने की वजह से तबाही मच गई। महज 20 सेकंड में होटल, दुकानें और घर मलबे में बह गए। फिलहाल कितना नुकसान हुआ है इसे लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं। जब तक इन 5 सवालों के तथ्यों के साथ जवाब नहीं मिलेंगे, तब तक जान माल के नुकसान की सही तस्वीर साफ नहीं होगी।

Uttarkashi Cloudburst: धराली गांव में भीषण तबाही, होटल-घर सब बहे
⦁ धराली गांव में आई भीषण तबाही के दौरान कई होटल सैलाब की चपेट में आकर बह गए हैं। इन होटलों में कितने स्थानीय नागरिक थे और कितनी संख्या में पर्यटक थे, जब तक इसके आंकड़े नहीं मिलेंगे तब तक नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सकता है।
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⦁ सैलाब आने के समय धराली गांव के बाजार क्षेत्र की कई दुकानें भी चपेट में आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इनमें से कई दुकानों पर उस समय ग्राहक और दुकानदार दोनों मौजूद थे। प्रशासन मलबा हटाने का काम कर रहा है। इसके बाद ही सही आंकड़े सामने आएंगे।
⦁ धराली गांव के पास सेना का एक अस्थायी कैंप भी स्थापित था। हादसे के बाद सेना के कुछ जवान लापता बताए जा रहे हैं। सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने तलाशी शुरू कर दी है। हेलिकॉप्टर और ड्रोन से तलाशी ली जा रही है। सेना ने अब तक मिसिंग जवानों की संख्या का खुलासा नहीं किया है।
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⦁ धराली गांव के पास स्थित छोटा सा कल्प केदार शिव मंदिर है। यहां स्थानीय लोग अक्सर पूजा के लिए आते हैं और पर्यटकों का भी आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में पूजा के लिए एक पुजारी को भी रखा गया था। फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि हादसे के वक्त मंदिर में कितने लोग मौजूद थे।
⦁ सैलाब में धराली के कई घर भी बह गए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। अब तक 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं और गांव में फंसे 130 लोगों को निकालने की कोशिश हो रही है। एक बार रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही कितने घर बहे और उन घरों में कितने लोग मौजूद थे, इसकी जांच शुरू होगी।
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मुख्यमंत्री ने लिया हेलिकॉप्टर से जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बादल फटने की घटना के बाद प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की है और रेस्क्यू ऑपरेशन पर अपडेट लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया है और हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया है। प्रशासन की ओर से अस्थायी राहत कैंप भी लगाए गए हैं। सेना के साथ एनडीआरएफ की टीम बचाव और राहत कार्य में जुटी है।












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