The Satanic Verses: 'ये किताब देश के लिए खतरा,बैन करो', शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की सरकार से अपील
The Satanic Verses: सलमान रुश्दी की कितान 'द सैटैनिक वर्सेस' पर से भारत में प्रतिबंध हटा दिया गया है। सलमान रुश्दी की इस किताब पर 36 साल पहले राजीव गांधी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था। वहीं, अब इस किताब पर से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद मुस्लिम संगठनों ने ऐतराज जताया था।
लखनऊ ऑल शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना यासूब अब्बास कहते हैं कि मुझे पता चला है कि सलमान रुश्दी की किताब 'द सैटेनिक वर्सेज' पर से प्रतिबंध हटने वाला है। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि इस किताब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। अगर यह किताब दोबारा आई तो देश का माहौल खराब होने का खतरा है।

इतना ही नहीं, मौलाना यासूब अब्बास ने पीएम मोदी और अमित शाह से अपील करते हुए कहा, मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करता हूं कि इस किताब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रहना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटिश-भारतीय लेखक सलमान रुश्दी की किताब 'द सैटैनिक वर्सेस' भारत में बिकनी शुरू हो चुकी है।
36 साल पहले राजवी गांधी ने लगाया था बैन
सलमान रुश्दी की किताब 'द सैटेनिक वर्सेज' को साल 1988 में राजीव गांधी ने भारत में पूरी तरह से बैन कर दिया था। मगर अब यह बैन हटा दिया गया है। इस किताब से बैन हटाए जाने के बाद ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव ने सरकार से अपील की है कि बैन जारी रखना चाहिए।
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'द सैटैनिक वर्सेस' एक ईशनिंदा पुस्तक है
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (यूपी) के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी का कहना है कि अगर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचती है तो यह किताब कानूनी अपराध है। 'द सैटैनिक वर्सेस' एक ईशनिंदा पुस्तक है। इसे स्वतंत्रता के नाम पर बेच जाए ये हमें स्वीकार्य नहीं है। यह संविधान की भावना के खिलाफ है।
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