Russia Ukraine War: पुतिन की बढ़ी टेंशन! 5 साल में पहली बार रूस ने गंवाई जमीन, यूक्रेन के वार से दहला मास्को
Russia Ukraine War: करीब पांच साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में अब नया मोड़ आता दिख रहा है। लंबे समय से लगातार दबाव झेल रहे यूक्रेन ने पहली बार रूस से कुछ इलाका वापस लेने का दावा किया है। खास बात यह है कि इस ऑपरेशन में इंसानी सैनिकों की जगह ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
The Economist की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार रूस को जमीन गंवानी पड़ी है। हालांकि यह इलाका छोटा है, लेकिन इससे संकेत मिल रहा है कि यूक्रेन अब नई तकनीक के सहारे पलटवार की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पुतिन की सेना धीरे-धीेरे कमजोर पड़ रही है?

Russia Lost Territory: रूस ने पहली बार गंवाई जमीन
The Economist के वॉर ट्रैकर के अनुसार यूक्रेन ने हाल के हफ्तों में करीब 189 वर्ग किलोमीटर इलाके पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया है। यह जीत बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन इसका प्रतीकात्मक असर काफी बड़ा है। अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार रूस को पीछे हटना पड़ा है। सैटलाइट तस्वीरों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया कि यूक्रेन लगातार छोटे लेकिन रणनीतिक हमले कर रहा है। इससे रूस की सेना पर दबाव बढ़ा है और पुतिन के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है।
ड्रोन और रोबोट बने यूक्रेन की नई ताकत
यूक्रेन अब पारंपरिक युद्ध से ज्यादा ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम पर भरोसा कर रहा है। यूक्रेन और ब्रिटेन की कंपनी UFORCE ने दावा किया है कि उसने 1.5 लाख से ज्यादा युद्ध मिशन पूरे किए हैं। इनमें हवा, समुद्र और जमीन तीनों जगह ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल हुआ। यूक्रेन का कहना है कि हाल की जीत में किसी सैनिक की जान नहीं गई। अब उसका लक्ष्य खतरनाक इलाकों से 30 फीसदी सैनिकों को हटाकर उनकी जगह रोबोट और अनमैन्ड सिस्टम को तैनात करना है।
Russia Ukraine Conflict: रूस को भारी नुकसान का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध में रूस को बड़ा मानवीय नुकसान उठाना पड़ा है। अनुमान है कि अब तक रूस के 2.8 लाख से 5.18 लाख सैनिक मारे गए हैं। कुल मिलाकर दोनों देशों के 11 लाख से 15 लाख लोगों के हताहत होने की बात कही गई है। वहीं अमेरिकी थिंक टैंक CSIS के अनुसार यूक्रेन के भी करीब 6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बढ़ते नुकसान के कारण दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और सेना पर दबाव बढ़ रहा है।
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धीरे-धीरे आगे बढ़ रही रूसी सेना
हालांकि रूस को कुछ झटके लगे हैं, लेकिन उसकी सेना पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना इस साल करीब 220 किलोमीटर इलाके में आगे बढ़ी है। यह यूक्रेन की कुल जमीन का सिर्फ 0.04 फीसदी हिस्सा है। यूक्रेनी ड्रोन हमलों की वजह से रूसी सैनिकों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद रूस धीरे-धीरे अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और कई मोर्चों पर लड़ाई जारी है।
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क्या सच में युद्ध हार रहे हैं पुतिन?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पुतिन युद्ध हार रहे हैं। रूस अब भी सैन्य ताकत और संसाधनों के मामले में यूक्रेन से काफी बड़ा है। लेकिन यूक्रेन ने नई तकनीक और ड्रोन युद्ध के जरिए रूस की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं। अगर यूक्रेन लगातार ऐसे हमले करता रहा और पश्चिमी देशों का समर्थन मिलता रहा, तो युद्ध का संतुलन बदल सकता है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि ड्रोन आधारित युद्ध रणनीति रूस पर कितना असर डाल पाती है।












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