कौन हैं IAS अभिषेक प्रकाश, UPSC में आईं थी 8वीं रैंक, अब योगी सरकार ने किया सस्पेंड, जानिए क्यों
IAS Abhishek Prakash: भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। योगी सरकार ने अब इंवेस्ट यूपी के सीईओ और सीनियर आईएएस अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी के प्रतिनिधि की शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई की है।
प्रदेश की योगी सरकार ने आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई का आदेश भी दे दिया है। बता दें कि आईएएस अभिषेक प्रकाश कई जिलों में डीएम के पद पर रह चुके हैं। आइए जानते है आखिर कौन हैं आईएएस अभिषेक प्रकार, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में किया गया सस्पेंड।

कौन हैं आईएएस अभिषेक प्रकाश?
2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश बिहार के रहने वाले है। अभिषेक प्रकाश का जन्म 21 दिसंबर 1982 को हुआ था। अभिषेक प्रकाश ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक पॉलिसी में एमए किया। वहीं, अभिषेक प्रकास साल 2005 में यूपीएससी पास करके आईएएस अधिकारी बन गए।
कई महत्वपूर्ण पदों की संभाली जिम्मेदारी
यूपीएससी में अभिषेक प्रकाश की ऑल इंडिया आठवीं रैंक आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएएस अभिषेक प्रकाश साल 2011-12 में लखीमपुर खीरी जिले में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रह चुके हैं। वो लखनऊ, हमीरपुर, बरेली और अलीगढ़ जिले में डीएम और कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अभिषेक प्रकाश ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है।
भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड हुए अभिषेक प्रकाश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएएस अभिषेक प्रकाश पर SAEL Solar P6 प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से बिचौलिए के जरिए 5% कमीशन की मांग करने का आरोप लगा है। कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दत्ता ने 20 मार्च को शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि वे उत्तर प्रदेश में सोलर सेल, सोलर पैनल और सोलर प्लांट के पुर्जे बनाने की फैक्ट्री स्थापित करना चाहते हैं।
टाल दी गई थी फाइल
इसके लिए उन्होंने कंपनी के लेटर पेड़ पर आवेदन किया था। लेकिन, कमीशन ना देने के कारण उनकी फाइल बार-बार टाल दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आईएएस अभिषेक प्रकाश ने उनसे निकांत जैन से मिलने को कहा था। साथ ही, यह बात स्पष्ट कही थी कि यदि जैन सहमति देंगे, तभी संस्तुति होगी।
जैन ने मांगा 5% कमीशन
खबर के मुताबिक, जब विश्वजीत निकांत जैन से मिले, तो उन्होंने 5% कमीशन मांगा। हालांकि, 12 मार्च 2025 को हुई मूल्यांकन समिति की बैठक में कंपनी को LOC जारी करने की संस्तुति कर दी गई थी। लेकिन, आईएएस अभिषेक प्रकाश ने इसे फिर से पुनर्मूल्यांकन करने का आदेश दे दिया था। जिसके बाद यह मामला सीएम योगी तक पहुंचा।
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