IPS Krishna Kumar Bishnoi कौन? संभल बवाल के बीच हुए घायल, कभी ढहाई थी वांटेड गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो की कोठी
Who is IPS Krishna Kumar Bishnoi: उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल जिले संभल में 24 नवंबर 2024 यानी रविवार को शाही जामा मस्जिद सर्वे को लेकर बवाल खड़ा हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
जिला हिंसा की आग में झुलसने लगा। तभी स्थिति पर काबू पाने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई (Sambhal SP Krishna Kumar Bishnoi) मौके पर फोर्स के साथ पहुंचे। आंसू गैस, लाठीचार्ज के सहारे उग्र भीड़ को काबू में लाने का प्रयास किया गया। इस बवाल में एसपी के पीआरओ के पैर में गोली लगी, जबकि एसपी समेत 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इसके बाद, संभल जिले के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई चर्चा में छा गए। आपको बता दें कि यह वही बिश्नोई हैं, जिन्होंने मात्र 6 साल के करियर में माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। राजस्थान के छोटे से गांव से लेकर IPS अधिकारी बनने तक का उनका सफर प्रेरणा से भरा है। आइए जानते हैं...
IPS कृष्ण कुमार बिश्नोई का प्रोफाइल
- जन्म: 1 जनवरी 1994, दोहरी मन्ना गांव, बाड़मेर (राजस्थान)
- परिवार: पिता सुजानाराम (किसान), मां गंगा देवी (गृहिणी)
- प्रारंभिक शिक्षा: गांव के प्राथमिक विद्यालय से पढ़ाई, जहां 8वीं कक्षा में जिले में टॉप किया।
- हाईस्कूल: सीकर के प्रिंस स्कूल से 2008 में फर्स्ट क्लास में पास।
- 12वीं: केंद्रीय विद्यालय, वायुसेना, जोधपुर से 2010 में।
- बिश्नोई ने शुरुआत से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। लेकिन संसाधनों की कमी और साधारण बैकग्राउंड के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना संजोया।
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उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई
- ग्रेजुएशन: सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली (2013 में बीए)।
- 40 लाख की स्कॉलरशिप: फ्रांस की पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से मास्टर डिग्री (40 लाख की स्कॉलरशिप)। फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी, अमेरिका से पढ़ाई। यूनाइटेड नेशंस ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में नौकरी (30 लाख का पैकेज)।
- बिश्नोई ने विदेश में पढ़ाई और काम के अनुभव के बाद देश लौटने का फैसला किया और UPSC परीक्षा देने का संकल्प लिया।
दूसरे प्रयास में क्रैक किया IPS
- पहली बार: बिना तैयारी के UPSC दिया, लेकिन असफल।
- दूसरे प्रयास में: 2018 में UPSC क्रैक किया और IPS बने।
- खास बात: उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली, बल्कि सेल्फस्टडी से परीक्षा पास की।
- बिश्नोई ने 24 साल की उम्र में IPS बनकर यह साबित किया कि मेहनत और दृढ़ निश्चय से कुछ भी संभव है।
| क्रमांक | पद | जगह | कार्यकाल | उपलब्धियां |
|---|---|---|---|---|
| 1 | थाना प्रभारी | मेरठ | 2019 | बदन सिंह बद्दो की कोठी गिराई। |
| 2 | ASP | मुजफ्फरनगर | 2021 | किसान आंदोलन के दौरान हाईवे खुलवाया। |
| 3 | SP सिटी | गोरखपुर | 2022 | ऑपरेशन त्रिनेत्र की शुरुआत। |
| 4 | SP | संभल | 2024-वर्तमान | शाही जामा मस्जिद बवाल के दौरान स्थिति संभाली। |
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बदमाशों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई
बदन सिंह बद्दो (मेरठ):
- वेस्ट यूपी के कुख्यात माफिया बद्दो की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर बुलडोजर चलवाया।
- सरकारी जमीन पर बनी उसकी कोठी को गिराया और मलबा नहीं हटाने दिया ताकि लोगों को याद रहे कि यह बद्दो की कोठी थी।
योगेश भदौड़ा (मेरठ):
- तालाब और जोहड़ की जमीन पर कब्जा करने वाले योगेश पर कार्रवाई।
- 40 करोड़ की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया।
सुशील मूंछ (मुजफ्फरनगर):
- 20 से अधिक हत्या के आरोपी सुशील मूंछ को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- उसकी करोड़ों की संपत्ति जब्त की।
ऑपरेशन त्रिनेत्र (गोरखपुर):
- अपराधियों पर निगरानी के लिए सबसे अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
- अभियान को प्रदेशभर में लागू किया गया।
अन्य बड़े मामले:
- माफिया जवाहर यादव की 416 करोड़ की संपत्ति जब्त।
- कमलेश बीनानाथ की 195 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त।
संभल में SP के रूप में चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी
- शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल में बिश्नोई घायल हुए, लेकिन उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
- प्रदर्शनकारियों का विरोध: पुलिस की गाड़ियों में आग लगाई गई और पथराव किया गया।
- प्रभावी एक्शन: बिश्नोई ने आंसू गैस और लाठीचार्ज के जरिए हालात काबू में किए।
- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: हिंसा फैलाने वालों की पहचान के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल।
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