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Rajender Pensiya कौन? PAK सीमा के पास बीता बचपन! BDO SDO फिर बने IAS, अब संभाल रहे संभल हिंसा का मोर्चा

Who is Sambhal DM Rajender Pensiya: उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल जिले संभल की रविवार (24 नवंबर) को शाही जामा मस्जिद सर्वे को लेकर बवाल हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। उग्र भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। गलियों में जगह-जगह पत्थर बिछ गए और हिंसा बढ़ने लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कड़ा कदम उठाया।

पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेकर भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की। इस घटना में संभल के एसपी के पीआरओ के पैर में गोली लगी। बवाल में एसपी समेत 15 पुलिसकर्मी घायल हुए। घटना में अब तक तीन प्रदर्शनकारियों की झड़प में मौत हो गई। उधर, संभल का मोर्चा संभालने IAS डीएम राजेंद्र पैंसिया मौके पर पहुंचे हैं। आइए आपको रूबरू कराते हैं इस BDO-SDO फिर IAS बने DM संभल राजेंद्र पैंसिया से...

Sambhal DM Rajender Pensiya

राजस्थान के सुदूर उत्तर में पाकिस्तानी सीमा से सटे श्रीकरणपुर कस्बे में जन्मे राजेंद्र पैंसिया का भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) सफर बेहद संघर्ष कारी और प्रेरणादायक है। आज वे उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जिलाधिकारी (DM) हैं और हाल ही में शाही जामा मस्जिद में हुए हिंसक विवाद को संभालने के लिए चर्चाओं में हैं।

Rajender Pensiya प्रोफाइल

  • शुरुआत: सीमावर्ती कस्बे में बचपन
  • जन्म: 10 अगस्त 1983, श्रीकरणपुर, श्रीगंगानगर (राजस्थान)
  • पारिवारिक डिटेल: उनके पिता अशरफी चंद बीएसएनएल में कार्यरत थे।
  • शिक्षा: शुरुआती शिक्षा श्रीकरणपुर में हुई। बीकॉम तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे शिक्षक बनने की ओर प्रेरित हुए।
  • सीमावर्ती कस्बे में शिक्षा की कमी के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सेवा में सफलता पाई।

पैंसिया का बचपन एक साधारण किसान परिवार में बीता। सीमांत गांव में संसाधनों की कमी और पढ़ाई के प्रति जागरूकता की कमी के बावजूद, उन्होंने मेहनत और समर्पण से अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

Sambhal DM Rajender Pensiya

बीडीओ से IAS की छलांग

  • शिक्षक की नौकरी: शुरुआत में राजेंद्र पैंसिया ने बीएड कर सरकारी शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की। यह उनके परिवार और गांव के लिए गर्व का क्षण था।
  • राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS): शिक्षक की नौकरी के दौरान पैंसिया ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। 2011 में उन्होंने RAS परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की और बीडीओ (BDO) बने। बाद में वे एसडीओ (SDO) बने।
  • पूरा किया IAS का सपना: RAS में सफलता के बाद भी उनका सपना पूरा नहीं हुआ। वे IAS बनने की तैयारी में जुट गए। 5 प्रयासों और असफलताओं के बावजूद, उन्होंने सफलता हासिल की।
  • रैंक: 2015 बैच के IAS बने और परीक्षा में 345 वीं रैंक हासिल की।

प्रशासनिक करियर और जिम्मेदारियां

IAS बनने के बाद राजेंद्र पैंसिया ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

पद जगह साल
1
सहायक मजिस्ट्रेट/कलेक्टर मिर्जापुर -2016-2017
2
संयुक्त मजिस्ट्रेट मथुरा, इटावा -2017-2019
3
मुख्य विकास अधिकारी फर्रुखाबाद -2019-2021
4
उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण आगरा -2021-2022
5
विशेष सचिव, नगरीय विकास लखनऊ -2022-2024
6
जिलाधिकारी (DM) संभल -2024-वर्तमान

संभल में DM के रूप में चुनौतीपूर्ण कार्य
संभल जैसे मुस्लिम बहुल जिले में डीएम का पद संभालना आसान नहीं। करीब 5 महीने पहले पैंसिया का संभल में डीएम के रूप में आगमन हुआ। उसके बाद से उन्होंने कई बड़े कारनामों को अंजाम दिया। पहले एक सरकारी स्कूल में छापा मारा, जहां एक टीचर को कैंडी क्रश मोबाइल गेम खेलते हुए पकड़ा। हाल ही में, खेत में फसल की कटाई करते हुए उनका एक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया में मंडरा रही। लेकिन, अब 24 नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए विवाद ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी है।

पथराव और आगजनी के बीच निर्णय:
पैंसिया ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
हिंसा फैलाने वालों की पहचान के लिए तकनीक का इस्तेमाल शुरु करा दिया है।
उनकी नेतृत्व क्षमता ने उन्हें एक कुशल और प्रभावी प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।

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