BRICS: 'न झुके हैं, न झुकेंगे, दिल्ली में ईरानी मंत्री ने अमेरिका को दी सीधी चुनौती, बिगड़ सकते हैं हालात!
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया कि उनका देश किसी भी विदेशी दबाव के सामने घुटने नहीं टेकेगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी में अराघची ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान को 'झूठे आरोपों' के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मंच से हुंकार भरी कि ईरान न कभी झुका है और न ही भविष्य में कभी झुकेगा।

"न झुके हैं, न झुकेंगे": ईरान का सीधा संदेश
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान की संप्रभुता और आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान पर बार-बार "क्रूर और गैरकानूनी" हमले किए गए हैं, लेकिन ईरानी जनता ने हर दबाव का डटकर मुकाबला किया है। अराघची का यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका के लिए एक चेतावनी की तरह देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि धमकियों और प्रतिबंधों से ईरान की नीतियों को बदला नहीं जा सकता।
New Delhi BRICS Meeting: झूठे आरोपों और विस्तारवाद की आलोचना
अराघची ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आरोप लगाया कि ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाइयों को गलत आधारों पर सही ठहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आईएईए (IAEA) और खुद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टें उन दावों का समर्थन नहीं करतीं, जो ईरान पर लगाए जाते हैं। उनके अनुसार, ईरान आज "गैरकानूनी विस्तारवाद और युद्ध के जुनून" का शिकार बन रहा है, जिसे रोकने के लिए वैश्विक समुदाय को अब एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है।
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जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग
ईरान ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वाले देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएं। अराघची ने कहा कि अब समय आ गया है कि उन ताकतों की जवाबदेही तय की जाए जो अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने वालों की निंदा करने में अब किसी भी देश को हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। ईरान चाहता है कि ब्रिक्स एक ऐसा मंच बने जहाँ शक्तिशाली देशों की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके।
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अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल और ब्रिक्स की भूमिका
बैठक की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्वीकार किया कि यह बैठक वैश्विक उथल-पुथल के दौर में हो रही है। ईरान ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ब्रिक्स को एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के विकल्प के रूप में पेश किया। अराघची के संबोधन ने यह साफ कर दिया कि ईरान ब्रिक्स के जरिए पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के आर्थिक और सैन्य प्रभुत्व को चुनौती देना चाहता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बैठक के बाद निकलने वाले संयुक्त बयान पर टिकी हैं।












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