अदाणी और IHG की बड़ी डील: अब एयरपोर्ट के पास मिलेंगे लग्जरी होटल, बदल जाएगी आपकी यात्रा!
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और IHG होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत भारत के प्रमुख एयरपोर्ट और शहरी इलाकों में पांच नए होटल बनाए जाएंगे। इस पार्टनरशिप के साथ ही लग्जरी लाइफस्टाइल ब्रांड 'किम्पटन होल्डिंग्स एंड रेस्टोरेंट्स' (Kimpton Hotels & Restaurants) भारतीय बाजार में कदम रखने जा रहा है।

इस साझेदारी के जरिए जयपुर, नवी मुंबई, मंगलुरु और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में अलग-अलग ब्रांड्स के तहत करीब 1,500 कमरे जोड़े जाएंगे। ये सभी होटल अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की ओर से तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट सिटी और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स का हिस्सा होंगे।
डील के मुताबिक, जयपुर में एक 'किम्पटन' होटल खोला जाएगा, जबकि अन्य प्रमुख लोकेशंस पर 'हॉलिडे इन' और 'हॉलिडे इन एक्सप्रेस' जैसे होटल तैयार होंगे। भारत के एविएशन और टूरिज्म सेक्टर में आ रही तेजी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि बिजनेस, वेकेशन और ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इस मौके पर प्रणव अदाणी ने कहा कि यह सहयोग भारत के बढ़ते एविएशन इकोसिस्टम के इर्द-गिर्द वर्ल्ड-क्लास डेस्टिनेशन बनाने के ग्रुप के विजन का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे अदाणी ग्रुप हॉस्पिटालिटी और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना विस्तार कर रहा है, हमारा लक्ष्य ऐसे डेस्टिनेशन तैयार करना है जहां यात्रा, ठहरने और शहरी सुविधाओं का बेहतरीन अनुभव एक साथ मिल सके।"
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स फिलहाल मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम सहित देश के आठ एयरपोर्ट्स का संचालन कर रहा है। इसके अलावा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम भी जारी है। कंपनी करीब 663 एकड़ में फैले एयरपोर्ट सिटी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
सुदीप जैन ने कहा कि यह पार्टनरशिप भारतीय हॉस्पिटालिटी मार्केट, खासकर एयरपोर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है। जैन के मुताबिक, "इस समझौते से हमें तेजी से बढ़ते बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी और साथ ही भारत में किम्पटन होल्डिंग्स एंड रेस्टोरेंट्स की शुरुआत भी होगी।"
IHG होल्डिंग्स एंड रिसॉर्ट्स फिलहाल भारत में छह ब्रांड्स के तहत 52 होटलों का संचालन कर रहा है। कंपनी के 98 और होटल पाइपलाइन में हैं, जो अगले तीन से पांच साल में शुरू हो सकते हैं। यह निवेश ऐसे समय में हो रहा है जब पैसेंजर ट्रैफिक और घरेलू पर्यटन बढ़ने से एयरपोर्ट के पास कमर्शियल और हॉस्पिटालिटी हब की मांग काफी बढ़ गई है।












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