Noida Techie Death Case: युवराज की मौत वाली जगह से जिंदा बचे ड्राइवर की आपबीती, सुनकर खौल जाएगा खून
Noida Techie Death Case: नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में अब एक ऐसा चश्मदीद सामने आया है जिसने मौत को बहुत करीब से देखा था। एक ट्रक ड्राइवर, गुरविंदर सिंह, उसी जगह पर युवराज वाले हादसे से कुछ दिन पहले बाल-बाल बचे थे। उन्होंने बताया कि कैसे वह जगह एक 'डेथ ट्रैप' यानी मौत का जाल बनी हुई है।
आइए विस्तार से जानते हैं युवराज मेहता वाले हादसे वाली जगह से जिंदा बचे ट्रक ड्राइवर ने अपनी आपबीती में क्या-क्या बताया। कैसे उन्होंने मौत को मात दी, लेकिन सिस्टम के सामने हार गए।

दरअसल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की घटना के बीच ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह सामने आए हैं। जिनका दावा है कि वह उसी जगह पर एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे थे। 2 जनवरी को हुए अपने हादसे को याद कर गुरविंदर आज भी सिहर उठते हैं।
90 डिग्री का खतरनाक मोड़
ड्राइवर गुरविंदर सिंह ने उस खौफनाक रात की कहानी बताते हुए कहा कि, उस समय वहां जीरो विजिबिलिटी होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़क पर 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ था।
उनके साथ हुए हादसे पर उन्होंने कहा, 'वहां न कोई साइन बोर्ड था, न रिफ्लेक्टिव टेप और न ही बैरिकेडिंग जिससे पता चले कि आगे तीखा मोड़ है। मेरी रफ्तार बहुत कम थी, तभी अचानक ट्रक का केबिन तालाब जैसे पानी के गड्ढे में समा गया। जबकि पिछले पहिये सड़क और गड्ढे के बीच एक नाली के पास फंस गए।'
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गुरविंदर सिंह ने कैसे बचाई अपनी जान?
उन्होंने बताया कि, 'जब मैं यह देखने के लिए नीचे उतरा कि आखिर हुआ क्या है, तो वहां जमीन ही नहीं थी। मैं फिसल कर पानी में गिर गया। कुछ राहगीरों ने मुझे देखा और बचाया। अगर वे नहीं आते, तो मेरा बचना मुश्किल था। मैं उस रात अपनी किस्मत और भगवान की दुआ से ही जिंदा बचा हूं।'
जब गुरविंदर ने देखा युवराज के पिता का वीडियो
गुरविंदर ने जब युवराज की मौत के बारे में सुना और उसका वीडियो देखा, तो वह खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा कि, 'जब मैंने उस लड़के को अपने पिता के सामने मरते हुए देखा, तो मैं रो पड़ा। मैं बार-बार यही सोच रहा था कि उसके पिता के दिल पर क्या बीत रही होगी? वह युवक फोन पर गुहार लगाता रहा, 'पापा, प्लीज मुझे बचा लो, मैं मर जाऊंगा।' अधिकारियों ने वहां क्या इंतजाम किए थे? यह सवाल हमेशा बना रहेगा।'
लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सिंह ने कहा कि यह महज हादसा नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि, 'यह कोई दुर्घटना नहीं है; यह वह लापरवाही है जो हत्या के बराबर है। उस डेवलपर के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए जिसने इतना बड़ा गड्ढा खोदकर उसे खुला छोड़ दिया। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी पर भी केस होना चाहिए।'
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अथॉरिटी अधिकारी पर पैसे मांगने का आरोप
ड्राइवर ने एक चौंकाने वाला आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उनके हादसे के बाद एक व्यक्ति बलेनो कार में आया और खुद को नोएडा अथॉरिटी का अधिकारी बताकर उनसे पैसे मांगने लगा। 'मैं उससे कहता रहा कि मेरी जान अभी-अभी बची है, क्या वह ज्यादा जरूरी नहीं है? पुलिस ने मुझे परेशान नहीं किया, लेकिन अथॉरिटी से जुड़े लोगों ने मुझे बहुत तंग किया।'
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
युवराज मेहता की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित कर दी है और नोएडा अथॉरिटी के CEO को हटा दिया गया है। पुलिस ने MZ विज़टाउन के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 106 और 125 लगाई गई हैं। फिलहाल SIT मामले की तह तक जाने के लिए सबूत जुटा रही है।












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