Hockey World Cup मेजबान के तौर पर ऐसा रहा है भारत का प्रदर्शन, खत्म करना होगा 48 साल का इंतजार
ये चौथी बार है जब हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन भारत में हो रहा है। देशवासियों को उम्मीद है जैसे ओलंपिक का मेडल आया है वैसे ही इस विश्व कप मेंं भी 48 साल के सूखे का खात्मा होगा। भारत ने 1975 के बाद से ये वर्ल्ड कप नहीं जीता।

आज से भारत की मेजबानी में FIH हॉकी विश्व कप शुरू हो रहा है और भारतीय टीम से 48 साल के सूखे को खत्म करने की उम्मीदें हैं क्योंकि हॉकी इंडिया ने इस विश्व कप को मलेशिया में 1975 में पाकिस्तान को हराकर जीता था। इसके बाद से टीम की गाड़ी पटरी से उतरी है लेकिन इस टीम ने फिर से खड़े होने का जज्बा दिखाया है और पुराने सुनहरे दिनों से प्रेरणा लेने की गंभीरता का प्रदर्शन भी किया है। हॉकी भारत में एक भावना बनकर रहा है। भले ही आज देश में क्रिकेट का बोलबाला है लेकिन जब देश ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम किया था तो लाखों देशवासियों की आंखें नम हो गई थी। समस्या ये है हॉकी को क्रिकेट की तरह तरह बेहतर पहुंच नहीं मिल पाती।
टोक्यो की वह जीत आज भी जेहन में ताजा है लेकिन उसके बाद वैसे टूर्नामेंट नहीं हुआ जिसको देखने के लिए एक बार फिर से पूरा देश एकजुट हो जाए। अब हॉकी वर्ल्ड कप वैसी एक प्रतियोगिता है। ये टूर्नामेंट भारत में हो रहा है और पूरे देश में इसकी ट्रॉफी घूम चुकी है। अब प्रतियोगिता का फोकस फिर से भुवनेश्वर में हो गया है जहां से ये ट्रॉफी चली थी। आइए देखते हैं भारत ने अपनी मेजबानी में हॉकी विश्व कप में कैसा प्रदर्शन किया है।
चौथी बार हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है भारत
ये हॉकी विश्व कप का 15वां संस्करण है जो शुक्रवार (13 जनवरी) को ओडिशा में होने वाला है और भारत चौथी बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भारत और ओडिशा बैक टू बैक एफआईएच हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर रहे हैं, ऐसा उन्होंने 2018 में भी किया था। ओडिशा को तो हॉकी के घर के तौर पर देखा जाता है। जब भारत ने कांस्य पदक जीता था और महिला हॉकी टीम ने भी बेहतरीन ओलंपिक प्रदर्शन किया था तो खिलाड़ी ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक को खासतौर पर धन्यवाद देना नहीं भूले थे।
भारत का अपनी मेजबानी में प्रदर्शन-
भारत ने पहली बार 1982 में मुंबई (तब बॉम्बे) में शोपीस इवेंट की मेजबानी की थी, फिर नई दिल्ली ने 2010 में इस कार्यक्रम की मेजबानी की थी। टूर्नामेंट 2018 और 2022 में ओडिशा में उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं के साथ भारत में फिर से लौटा।
बॉम्बे में हुए 1982 के हॉकी विश्व कप, बॉम्बे में भारत का प्रदर्शन खास नहीं रहा जबकि भारतीय टीम 1975 के बाद से अपनी पहली टूर्नामेंट जीत की तलाश कर रही थी लेकिन वो पांचवें स्थान पर रही। अगर ऐसा लगता है कि ये प्रदर्शन निराशाजनक था तो हमें यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि ये अब भी इस टूर्नामेंट में भारत को बेस्ट प्रदर्शन है। क्योंकि टीम दिल्ली मेंआठवें स्थान पर रही।
दिल्ली में भारत ने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-1 को जो हराया था वहीं हमारे एकमात्र सफलता की कहानी साबित हुई क्योंकि भारत ने तीन मैच गंवाए और एक ग्रुप मैच ड्रा किया और भारत आठवें स्थान पर रहा।
पिछले वर्ल्ड कप में हॉकी इंडिया क्वार्टरफाइनल से बाहर हुई-
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2018 में द मेन इन ब्लू ने ग्रुप स्टेज में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद नॉकआउट चरण में जगह बनाई। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से हराया जबकि बेल्जियम के खिलाफ 2-2 से ड्रा खेला और कनाडा के खिलाफ 5-1 से जीत के साथ ग्रुप चरण को पार किया। हालांकि, भारत क्वार्टरफाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ 1-2 से हारकर छठे स्थान पर रहा।












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