यश ढुल ने सेट किया 18 महीने में भारतीय टीम में खेलने का टारगेट, कोहली से बात करके मिली मदद
नई दिल्ली, 10 फरवरी: भारत के अंडर 19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान यश ढुल ने 18 महीनों में भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी का टारगेट बनाया है। अभी तक एक साधारण से लड़के का जीवन जी रहे यश को आज ये भी याद नहीं है कि उन्होंने 48 घंटों में कितनी फ्लाईट पकड़ी। यश ढुल का चयन दिल्ली की रणजी टीम में भी हो गया है। जाहिर है उनके पास वक्त नहीं है लेकिन वे इस वक्त को खूब इंजॉय कर रहे हैं। वह जानते हैं कि ये उनके प्रोफेशनल करियर की एक शुरुआत ही है।

ढुल ने पीटीआई से बात करते हुए कहा है कि वे भविष्य पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 18 महीनों में वे टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए तो अपने गोल को हासिल करने तक हार्ड वर्क करते रहेंगे।
19 साल के ढुल विराट कोहली और उनमुक्त चंद के बाद दूसरे दिल्ली के कप्तान हैं जिन्होंने अंडर 19 खिताब जिताने में टीम इंडिया की अगुवाई की। ढुल कोहली की उपलब्धियों से प्रेरित हैं लेकिन उन्मुक्त चंद भी एक थे जो अपेक्षाओं के दबाव में ढह गए। वे आज भारत छोड़कर विदेशों में खेलते हैं। लेकिन ढुल को कोहली ने गाइड किया है और बताया है कि अंडर 19 के बाद उन्होंने किस तरह का दौर देखा था।
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कोहली के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "विराट भाई ने मेरे साथ अपना अनुभव साझा किया कि U19 विश्व कप (2008 में) के बाद उनके साथ क्या हुआ था। उनके साथ बातचीत ने मुझे उन चीजों को समझने में मदद की है, जिन पर मुझे ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है और जिन चीजों से मुझे बचने की जरूरत है।"
कोहली 14 साल पहले विश्व कप खिताब के लिए भारत की कप्तानी करने से पहले ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके थे, लेकिन ढुल ने अंडर -19 स्तर पर रेड बॉल क्रिकेट भी नहीं खेला है। अंडर-19 से प्रथम श्रेणी में जाना एक बड़ी बात है लेकिन धुल का मानना है कि इसको वह संभाल सकते हैं। वे कहते हैं, "मुझे लाल गेंद के खेल के लिए अपनी मानसिकता बदलनी होगी, तैयारी अलग होगी। मुझे नहीं लगता कि यह सफेद गेंद की तुलना में बहुत अलग और कठिन होगी।
ढुल का मानना है कि अब ये उनकी मानसिकता है जो उनके क्रिकेट सफर को तय करेगी। एक बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए अपने सभी शॉट्स पर काम करना होगा। फिलहाल तो ढुल इस समय मिली सफलता को पचा ही रहे हैं। फिलहाल समय की इतनी कमी है कि ढुल और उनके माता-पिता के पास यह सोचने का वक्त नहीं है कि वे बीसीसीआई द्वारा दिए गए 40 लाख रुपये के नकद इनाम के साथ क्या करने की योजना बना रहे हैं।












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