सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़, लाखों पैसा जब्त, 7 लोग पहुंचे सलाखों के पीछे

नई दिल्ली। क्रिकेट मैचों पर सटोरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने काम अभी भी जारी रखे हुए हैं। अभी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर हैदराबाद में चल रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। ग्रेटर हैदराबाद में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी को अंजाम दिया जा रहा था। जब गुप्त सूचना मिली तो राचकोंडा पुलिस ने 6 अप्रैल (बुधवार) को एक ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया और सात संदिग्धों को गिरफ्तार करते हुए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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लाखों पैसा जब्त
सट्टे पर खूब पैसा लुटाया जाता है। छापेमारी के दाैरान पुलिस ने 56 लाख रुपए की संपत्ति भी जब्त की है। राचाकोंडा पुलिस आयुक्त महेश भागवत के अनुसार, स्पेशल ऑपरेशन टीम (एसओटी) ने बुधवार को एक सूचना मिलने के बाद सत्य नगर कॉलोनी में छापा मारा और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने 11.80 लाख रुपए नकद जब्त किए, जबकि दो बैंक खाते भी जब्त किए गए, जिसमें बड़ी रकम है।

आरआर बनाम आरसीबी मैच के दौरान छापे मारे गए थे
गौरतलब है कि पुलिस ने छापेमारी तब की थी जब आरोपी 5 अप्रैल (मंगलवार) को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच ग्रुप स्टेज मैच के दौरान सट्टेबाजी के लिए बुकिंग कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ टीएस गेमिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से पुलिस ने मुख्य आयोजक तन्निरू नागराजू, लाइन ऑपरेटर गुंडू किशोर, उप सट्टेबाज तन्निरु अशोक और चेमेती विनोद, पंटर्स कोटला दिनेश भार्गव, मेदिशेट्टी किशोर और बोजाना राजू की पहचान की है।

दो अभी भी फरार
स्थानीय पुलिस के अनुसार दो अन्य आरोपी फरार हैं। इनमें से ज्यादातर पड़ोसी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। गौरतलब है कि, मुख्य सट्टेबाज नागराजू को इससे पहले इसी तरह के एक मामले में 2016 में गिरफ्तार किया गया था। सट्टेबाज अपने दोस्त और अपने दो दूर के रिश्तेदारों के साथ सट्टा रैकेट चला रहा था। सट्टेबाजों ने टेलीफोन लाइनों की व्यवस्था की थी और पंटर्स को नंबर दिए थे। सट्टेबाजी की शुरुआत पहली गेंद से आखिरी गेंद पर दूसरी पारी तक की जाती है। मैच की स्थिति के आधार पर टीमों और रनों की दर में उतार-चढ़ाव होता है। सट्टेबाज मैच के दौरान सट्टेबाजों को दांव लगाने के लिए बुलाते हैं। स्थानीय पुलिस ने यह भी बताया कि सट्टेबाज अपने संग्रह एजेंटों के माध्यम से पंटर्स से नकद या डिजिटल भुगतान के माध्यम से पैसे स्वीकार कर रहे थे।












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