NEET परीक्षा में 45 हजार छात्रों को सहारा, फ्री बस, कूलिंग जोन से अभिभावक खुश, CM रेखा गुप्ता की हुई तारीफ
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के दिन दिल्ली सरकार की एक खास पहल ने हजारों छात्रों और उनके परिवारों का तनाव काफी हद तक कम कर दिया। भीषण गर्मी के बीच राजधानी के 97 परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए विशेष कूलिंग जोन और मुफ्त बस यात्रा की सुविधा ने परीक्षा देने पहुंचे 45 हजार से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत दी।
यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर परीक्षा केंद्रों के बाहर तक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की इस पहल की चर्चा होती रही आमतौर पर परीक्षा के दौरान सारी व्यवस्था सिर्फ उम्मीदवारों पर केंद्रित रहती है, लेकिन इस बार दिल्ली सरकार ने अभिभावकों को भी ध्यान में रखा।

सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर जिला प्रशासन की ओर से विशेष कूलिंग जोन बनाए गए, जहां माता-पिता और परिवार के सदस्य आराम से इंतजार कर सकें।
करीब 2500 वर्ग फीट क्षेत्र में बनाए गए इन कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शिकंजी, ओआरएस, चाय और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। गर्मी और उमस के बीच यह व्यवस्था अभिभावकों के लिए किसी राहत शिविर से कम नहीं रही।
Free DTC Travel: एडमिट कार्ड दिखाइए, बस में मुफ्त सफर कीजिए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परीक्षा से पहले घोषणा की थी कि NEET उम्मीदवार 21 जून को दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को केवल अपना वैध NEET एडमिट कार्ड दिखाना था। सरकार का मानना था कि परीक्षा वाले दिन ट्रैफिक और परिवहन की परेशानियां छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में मुफ्त यात्रा की सुविधा ने न सिर्फ आर्थिक राहत दी बल्कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में भी मदद की।
Rekha Gupta Message: हर छात्र का सपना सरकार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था हर छात्र के सपनों और हर अभिभावक की उम्मीदों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थियों की सफलता की कामना कर रही है। रेखा गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित कराना नहीं, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है ताकि वे बिना तनाव के परीक्षा प्रक्रिया पूरी कर सकें।
दिल्ली सरकार की यह पहल केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि एक मानवीय सोच का उदाहरण भी मानी जा रही है। जहां एक तरफ छात्र परीक्षा की तैयारी में व्यस्त थे, वहीं दूसरी तरफ अभिभावकों को भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहने से राहत मिली। फ्री बस यात्रा और कूलिंग जोन की व्यवस्था ने यह संदेश दिया कि परीक्षा सिर्फ छात्रों की नहीं, पूरे परिवार की चुनौती होती है।












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