Qatar के Ras Laffan LNG गैस प्लांट में विस्फोट, भारतीयों समेत 13 की मौत, भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन

Qatar Ras Laffan LNG Blas 2026: खाड़ी देश कतर में दुनिया के सबसे बड़े और अहम LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) हब में से एक रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी के बारजान गैस प्लांट में रविवार, 21 जून की शाम भीषण विस्फोट हो गया।

इस हादसे में 13 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री और कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने इसकी पुष्टि की है।

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कतर के ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, मृतकों और घायलों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। यह विस्फोट उस समय हुआ, जब कर्मचारी ईरानी मिसाइल हमले के बाद बंद पड़े प्लांट को दोबारा शुरू करने का काम कर रहे थे।

रास लाफान के बरजान गैस संयंत्र में हुआ विस्फोट, धमाके से हिल गया 70 किमी दूर दोहा शहर

यह धमाका रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी के बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी (Barzan Gas Supply Facility) में हुआ। यह क्षेत्र कतर का सबसे बड़ा LNG (Liquefied Natural Gas) उत्पादन और निर्यात केंद्र माना जाता है। रास लाफान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण गैस हब में से एक है और कतर की अर्थव्यवस्था में इसकी अहम भूमिका है। यहां से बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस दुनिया के कई देशों को निर्यात की जाती है। धमाका इतना जोरदार और भयानक था कि इसकी गूंज घटनास्थल से करीब 70 किलोमीटर दूर कतर की राजधानी सेंट्रल दोहा तक महसूस की गई।

भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों की गई जान: कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी

साद अल-काबी ने सोमवार, 22 जून को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। उन्होंने कहा, "आज मुझे एक ऐसी दुखद खबर साझा करनी पड़ रही है, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी। हमारे 13 कर्मचारियों की जान चली गई है, जो भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक थे।" उन्होंने बताया कि 66 लोग घायल हुए हैं और सभी का इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि किसी भी घायल की हालत फिलहाल जानलेवा नहीं बताई गई है।

ईरानी मिसाइल हमले के बाद दोबारा शुरू किया जा रहा था प्लांट

ऊर्जा मंत्री ने साफ किया कि यह कोई आतंकवादी हमला या तोड़फोड़ (Sabotage) नहीं है, बल्कि एक "तकनीकी दुर्घटना" है। दरअसल, मार्च 2026 में ईरान के साथ हुए संघर्ष के दौरान ईरानी मिसाइलों ने रास लफ्फान की दो मुख्य गैस-प्रोसेसिंग यूनिट्स पर हमला किया था, जिससे कतर की 17 फीसदी LNG एक्सपोर्ट क्षमता ठप हो गई थी।

सुरक्षा के चलते इस प्लांट को दिसंबर 2025 से ही पूरी तरह बंद रखा गया था। केवल दो दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी हो रही थी। इसी दौरान कोई तकनीकी खराबी आ गई और भीषण ब्लास्ट हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार, एलएनजी प्लांट को दोबारा शुरू करना बेहद पेचीदा काम होता है क्योंकि थर्मल शॉक (तापमान का असंतुलन) से बचने के लिए उपकरणों को बहुत धीरे-धीरे ठंडा करना पड़ता है, जिसमें जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन जाती है।

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भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

कतर की राजधानी दोहा में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Doha) ने इस घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे कतर के अधिकारियों और कतरएनर्जी के प्रबंधन से लगातार संपर्क में हैं।

घायल भारतीयों को हर संभव मेडिकल सहायता दिलाई जा रही है और लापता या हताहत हुए नागरिकों की सही पहचान स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि उनके परिवारों की मदद की जा सके।भारतीय दूतावास ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों के परिवार सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर:
  • +974-55647502
  • +974-55384683
  • ईमेल: [email protected]

दुनिया में गैस सप्लाई को कोई खतरा नहीं

कतर के ऊर्जा मंत्रालय ने दुनिया भर के देशों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि इस हादसे से वैLNG Exports पर कोई असर नहीं पड़ा है। रास लफ्फान पोर्ट और अन्य सभी गैस ट्रेनें सामान्य रूप से काम कर रही हैं। साथ ही प्लांट में लगी आग को समय रहते बुझा लिया गया था, जिससे क्षेत्र में किसी भी तरह के पर्यावरणीय नुकसान या जहरीली गैस फैलने का कोई खतरा नहीं है।

दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति में बेहद अहम भूमिका रखता है Ras Laffan LNG Hub

रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी कतर के LNG उद्योग का केंद्र है। इसका सलाना प्रोडक्शन क्षमता करीब 7.7 करोड़ मीट्रिक टन LNG है। कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में शामिल है और उसकी गैस आपूर्ति पर कई देशों की ऊर्जा जरूरतें निर्भर करती हैं। मार्च में हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद कतर की LNG निर्यात क्षमता में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई थी। उस समय हजारों कर्मचारियों को गैस प्लेटफॉर्म और प्रसंस्करण इकाइयों से हटाना पड़ा था।

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