Lucknow Aliganj Coaching Fire Death List: जिंदा जलकर मरने वाले 15 छात्र कौन-कौन? रूह कंपाने वाली 14 तस्वीरें
Lucknow Aliganj Coaching Fire Death List: यूपी की राजधानी लखनऊ में 22 जून 2026, सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक खौफनाक अग्निकांड ने सभी को रूला दिया। अलीगंज के पुरनिया/सेक्टर डी इलाके में एक साधारण सी तीन मंजिला इमारत अचानक आग का गोला बन गई। नीचे पेट शॉप और क्लिनिक थे, ऊपर दूसरी मंजिल पर Learning Space नाम की लाइब्रेरी-कोचिंग और Head Hopper Studio (3D आर्ट प्रोडक्शन तथा गेम एसेट आउटसोर्सिंग) चल रहा था। धुएं ने पूरी मंजिल को घेर लिया। बाहर निकलने का रास्ता बंद। छात्र बाथरूम में खुद को बंद करके सांसें बचाने की कोशिश कर रहे थे।
इस भयानक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। ज्यादातर पीड़ित 19 से 30 वर्ष के बीच के युवा छात्र और प्रोफेशनल थे, जो बेहतर करियर बनाने आए थे। अधिकांश मौतें दम घुटने से हुईं। यह त्रासदी लखनऊ के कोचिंग हब में फायर सेफ्टी की लापरवाही का सबसे दर्दनाक प्रमाण बन गई है। आइए जानते हैं किस-किसका चिराग बुझ गया?

Lucknow Aliganj Coaching Fire Death List: मरने वालों में कौन-कौन?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए मृतकों में सुखमणि सिंह (23), शहजान उमर (19), सागर (27), नीलेश (27), अनामिका (28), श्याम (30), अनुधा (25) और सोमलया (30) शामिल हैं। मृतकों की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रिया जारी है।
- 1. सुखमणि सिंह (23) - चार साल से नौकरी कर रहे थे। भाई ने पोस्टमॉर्टम हाउस पर बताया कि भाई की मौत दम घुटने से हुई। "वह जिंदा नहीं रहा।"
- 2. शहजान उमर (19) - मात्र 19 साल का युवा। उसकी शव की तस्वीर सामने आने पर परिजनों में कोहराम मच गया।
- 3. सागर (27)
- 4. नीलेश (27)
- 5. अनामिका (28) - महिलाओं में शामिल
- 6. श्याम (30)
- 7. अनुधा (25)
- 8. सोमलया (30)
ये जो अंदर फंसे थे, अभी इनके स्वास्थ्य की पुष्टि नहीं
- 9. अब्दुल रहमान
- 10. अम्मार
- 11. मनमोहन
- 12. आदित्य श्रीवास्तव
- 13. ज्योति (महिला)
- 14. भविष्य
- 15. सूरज (अन्य नामों की पुष्टि जारी)
ये युवा 3D एनिमेशन, गेमिंग, आर्ट और कोचिंग से जुड़े थे। हादसे में मरने वाले सुखमणि के दोस्त यश ने बताया कि 3D एनिमेशन का ऑफिस था, जिसमें करीब 40 लोग काम करते थे। ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था। घटना के समय थंब लगाने में देरी हुई, जिससे लोग जल्दी बाहर नहीं निकल पाए और हादसा इतना बड़ा हो गया। जयंत नामक एक युवक ने पहली मंजिल से कूदकर जान बचाई, लेकिन नीचे ग्रिल पर गिरने से पेट में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
कैसे फैली मौत की आग?
आग की शुरुआत बेसमेंट में लगे AC के शॉर्ट सर्किट से मानी जा रही है। धुआं तेजी से ऊपर पहुंचा। छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। बाहर 'बचाओ-बचाओ' की चीखें गूंज रही थीं। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन शुरुआती मिनटों में मदद नहीं पहुंच सकी।
फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां, SDRF और NDRF की टीमें पहुंचीं। फायरकर्मियों ने बगल की इमारत से दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। शवों को बाहर निकाला गया। शवों को KGMU भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम चल रहा है। KGMU वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि जितने को बचा सकते हैं, बचाएंगे। मृतकों का पंचनामा और ऑटोप्सी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: दीवारें तोड़ीं, उम्मीदें जिंदा रखीं
फायरकर्मी जान पर खेलकर अंदर घुसे। फ्लड लाइट मंगवाई गईं। रेस्क्यू देर रात तक चला। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। योगी ने घायलों से बात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
रूह कंपाने वाली 14 तस्वीरें: जो चीख रही हैं
ये तस्वीरें सिर्फ आग की नहीं, बल्कि बेबसी, संघर्ष और त्रासदी की जीती-जागती कहानियां हैं:














15 सपनों की राख
ये 15 युवा किसी के बेटे, भाई, बहन या दोस्त थे। सुखमणि, शहजान, अनामिका... हर नाम एक पूरी जिंदगी था। आग ने उन्हें छीन लिया, लेकिन सवाल छोड़ गए। कोचिंग संस्थान ज्ञान का मंदिर हैं, मौत का अड्डा नहीं बन सकते। लखनऊ समेत पूरे UP में फायर सेफ्टी पर सख्त कार्रवाई, नियमित ऑडिट और जिम्मेदारों पर सजा जरूरी है।












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