Marketa Vondrousova Banned: पूर्व विंबलडन चैंपियन पर क्यों लगा 4 साल का बैन? इस विवाद का क्या है सच
Marketa Vondrousova Banned: अंतरराष्ट्रीय टेनिस जगत से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। पूर्व विंबलडन सिंगल्स चैंपियन और चेक गणराज्य की स्टार टेनिस खिलाड़ी मार्केटा वोंद्रोउसोवा (Marketa Vondrousova) पर एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में चार साल का कड़ा प्रतिबंध (बैन) लगा दिया गया है। यह कार्रवाई 'इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी' (ITIA) द्वारा की गई है। वोंद्रोउसोवा पर यह गाज दिसंबर 2025 में एक 'आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन' (प्रतियोगिता से इतर) डोप टेस्ट देने से साफ इनकार करने के कारण गिरी है।
क्यों किया था टेस्ट से इनकार? (Marketa Vondrousova Banned)
26 वर्षीय वोंद्रोउसोवा ने अपने बचाव में दलील दी थी कि दिसंबर 2025 की देर रात जब डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर उनके घर पहुंचा, तो वे अपनी सुरक्षा को लेकर डर गई थीं। खिलाड़ी का दावा था कि अधिकारी ने अपनी सही पहचान उजागर नहीं की थी और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उस वक्त तनाव और खराब मानसिक स्वास्थ्य के कारण वे सही फैसला नहीं ले पाईं।

ट्रिब्यूनल ने दलीलें ठुकराईं
आईटीए (ITIA) के स्वतंत्र ट्रिब्यूनल ने जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि खिलाड़ी के पास डोपिंग प्रक्रिया का पालन न करने का कोई 'ठोस या बाध्यकारी कारण' नहीं था। बोर्ड ने उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को टेस्ट से इनकार करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।
2030 तक रहेगा प्रतिबंध, करियर पर लगा बड़ा ग्रहण
नियमों के तहत लगा यह चार साल का प्रतिबंध 21 जून 2030 तक प्रभावी रहेगा। चोटों के कारण हाल के सीजन गंवाने वाली वोंद्रोउसोवा फिलहाल विश्व रैंकिंग में 122वें स्थान पर खिसक चुकी थीं। अपने करियर के चरम पर वे दुनिया की नंबर 6 खिलाड़ी रही हैं। इस फैसले के खिलाफ वोंद्रोउसोवा के पास खेल की सर्वोच्च अदालत 'कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट' (CAS) में अपील करने का अंतिम कानूनी अधिकार सुरक्षित है।
कौन हैं मार्केटा वोंद्रोउसोवा?
चेक गणराज्य की यह बाएं हाथ की खिलाड़ी अपनी तकनीकी चतुरता और वैरायटी के लिए जानी जाती हैं। साल 2023 में वोंद्रोउसोवा ने इतिहास रचा था, जब वे विंबलडन के इतिहास में सिंगल्स खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली 'गैर-वरीयता प्राप्त' (Unseeded) महिला खिलाड़ी बनी थीं। उन्होंने फाइनल में ओन्स जाबुर को हराया था। इसके अलावा वे 2019 में फ्रेंच ओपन की उपविजेता भी रह चुकी हैं।















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