68 साल बाद फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, FIFA World Cup में पूरे हुए 100 गोल, टूटा 1958 का कीर्तिमान
FIFA World Cup 2026: साल 2026 में आयोजित हो रहा फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup 2026) अपने शुरुआती चरण में ही फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक और मनोरंजक सीजन में से एक बन गया है। इस टूर्नामेंट में फॉरवर्ड्स और स्ट्राइकर्स इस कदर हावी हैं कि गोलों की संख्या रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रही है। वर्ल्ड कप 2026 ने बेहद कम मैचों में 100 गोल का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
68 साल बाद हुआ यह करिश्मा (FIFA World Cup 2026)
रिकॉर्ड्स के लिहाज से देखें तो इतनी तेज गति से 100 गोल पूरे होने का यह कारनामा 68 साल बाद हुआ है, जिसने 1950 के दशक के कई बड़े रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। इस साल फीफा ने वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव करते हुए भाग लेने वाली टीमों की संख्या बढ़ाकर 48 कर दी है।

टीमों की संख्या बढ़ने से मैचों का दायरा विस्तृत हुआ है और ग्रुप स्टेज में कई बड़े उलटफेर और एकतरफा मुकाबले देखने को मिले हैं। उदाहरण के तौर पर जर्मनी की कुराकाओ के खिलाफ एकतरफा बड़ी जीत, कनाडा का कतर पर पूरी तरह हावी होना और स्वीडन व नीदरलैंड्स द्वारा अपने मैचों में किए गए ताबड़तोड़ गोलों ने इस 100 गोल के आंकड़े को तेजी से छूने में मदद की।
टीमों ने बदला खेलने का अंदाज
आधुनिक फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय टीमों के कोच अब रक्षात्मक खेल शैली को छोड़ चुके हैं। अब टीमें 1 अंक (ड्रॉ) सुरक्षित करने के बजाय 3 अंक (जीत) हासिल करने के लिए मैदान पर उतर रही हैं। राष्ट्रीय टीमों के कोच अब यूरोपियन एलीट क्लब स्तर की आक्रामक रणनीतियों को अपना रहे हैं, जिससे मैदान पर गोल करने के ज्यादा मौके बन रहे हैं।
कमजोर टीमों का बढ़ा हौसला
इस वर्ल्ड कप का सबसे खूबसूरत फैक्ट यह है कि अब छोटी या कम रैंकिंग वाली टीमें भी बड़ी टीमों के सामने केवल दबाव सोखने या डिफेंसिव दीवार खड़ी करने का काम नहीं कर रही हैं। केप वर्डे और मोरक्को जैसी टीमों ने दिखाया है कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ भी आक्रामक और बेखौफ फुटबॉल खेलने के लिए तैयार हैं। हाल ही में केप वर्डे द्वारा उरुग्वे जैसी मजबूत टीम को 2-2 की बराबरी पर रोकना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।















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